Gold Price Update: सोने में ₹1,400 की तेजी, चांदी लगातार 6वें दिन गिरी

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AuthorMehul Desai|Published at:
Gold Price Update: सोने में ₹1,400 की तेजी, चांदी लगातार 6वें दिन गिरी

सोमवार को दिल्ली में सोने की कीमतों में ₹1,400 का उछाल आया और यह ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इसे अंतर्राष्ट्रीय बाजार के मजबूत संकेतों का सहारा मिला। वहीं, चांदी की कीमतों में ₹1,000 की गिरावट आई और यह ₹2.21 लाख प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, जो लगातार छठी कारोबारी सत्र में गिरावट है। बाजार भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ब्याज दर की उम्मीदों के चलते सतर्क बना हुआ है।

सोने में लौटी चमक, चांदी की गिरावट जारी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कीमती धातुओं के बाजार में सोमवार को मिली-जुली चाल देखने को मिली। सोने की कीमतों में ₹1,400 का जोरदार इजाफा हुआ और यह 99.9% शुद्धता के साथ ₹1,46,900 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी पिछले हफ्ते की भारी बिकवाली के बाद आई है, जिसने बाजार में खरीदारी का मौका ढूंढ रहे निवेशकों को आकर्षित किया।

चांदी पर दबाव बरकरार

दूसरी ओर, चांदी की कमजोरी जारी रही और इसकी कीमत ₹1,000 गिरकर ₹2,21,500 प्रति किलोग्राम पर आ गई। यह लगातार छठा सत्र रहा जब चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, 10 जुलाई के बाद से चांदी की कीमतों में कुल ₹15,500 यानी करीब 6.5% की गिरावट आ चुकी है। दोनों धातुओं के बीच यह अंतर निवेशकों की बदलती प्राथमिकताओं को दर्शाता है, जहां सोने को भू-राजनीतिक जोखिम के समय सुरक्षित माना जाता है, वहीं चांदी की औद्योगिक मांग इसकी कीमतों में अलग तरह की अस्थिरता ला सकती है।

वैश्विक कारक और अमेरिकी नीति का असर

घरेलू बाजार में कीमतों का रुख काफी हद तक अंतर्राष्ट्रीय रुझानों से प्रभावित रहा। स्पॉट गोल्ड की कीमतों में $4,020 प्रति औंस के करीब मजबूती दिखी। निवेशक वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों - खासकर अमेरिका और ईरान के सैन्य घटनाक्रमों की खबरों - के साथ-साथ अमेरिका की मौद्रिक नीति पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता अक्सर सोने को सहारा देती है, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखने की उम्मीदें एक विपरीत कारक के रूप में काम कर सकती हैं, जो सोने की कीमतों में और वृद्धि को सीमित कर सकती हैं।

एनर्जी मार्केट की अस्थिरता और धातुओं की मांग

कमोडिटी बाजार में तेल की कीमतों में आई अस्थिरता का भी असर दिख रहा है। ब्रेंट क्रूड हाल ही में $91 प्रति बैरल के पार जाने के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए राजनयिक प्रयासों के चलते थोड़ा नीचे आया। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव अक्सर महंगाई की उम्मीदों को प्रभावित करता है, जिसका अप्रत्यक्ष रूप से कीमती धातुओं के मूल्यांकन पर असर पड़ता है।

बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में सोना एक सीमित दायरे में रह सकता है। निवेशकों के लिए, फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की अगली घोषणा और मध्य पूर्व में तनाव का बढ़ना या कम होना, ये दोनों ही कारक सोने और चांदी जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों की आकर्षकता को तय करते रहेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.