शुक्रवार को सोने की कीमतों में **0.2%** की तेजी देखी गई और यह **$4,177.82** पर पहुंच गया। हालांकि, अमेरिका में लगातार बढ़ रही महंगाई की चिंता के बीच हफ्ते के आधार पर सोना अभी भी दबाव में है। इसी बीच घरेलू बाजार से खबर है कि म्यूचुअल फंड्स ने त्योहारी सीजन से ठीक पहले गोल्ड ETFs में बल्क सब्सक्रिप्शन पर रोक लगा दी है।
शुक्रवार को डॉलर में कमजोरी के कारण सोने को थोड़ा सहारा मिला और इसकी कीमतें 0.2% चढ़कर $4,177.82 प्रति औंस पर आ गईं। इसके बावजूद, सोने पर साप्ताहिक गिरावट का असर बना हुआ है, जो करीब 0.5% के आसपास है। मार्केट में सावधानी का माहौल है क्योंकि अमेरिका के महंगाई आंकड़े लगातार ब्याज दरों के नजरिए को चुनौती दे रहे हैं।
फेडरल रिजर्व और ब्याज दरों का असर
ग्लोबल मार्केट में सोने की चाल पूरी तरह US Federal Reserve की नीतियों पर टिकी है। CME FedWatch Tool के मुताबिक, इस महीने रेट हाईक की संभावना 28% और दिसंबर तक इसके 89% तक पहुंचने का अनुमान है। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए जब केंद्रीय बैंक दरें ऊंची रखते हैं, तो सोने की चमक फीकी पड़ जाती है। शिकागो फेड के अध्यक्ष Austan Goolsbee ने भी महंगाई के आंकड़ों पर गहरी चिंता जताई है, जिससे बाजार का सेंटीमेंट सतर्क बना हुआ है।
घरेलू बाजार में क्या बदल रहा है?
भारत में त्योहारी सीजन की आहट के बीच निवेशकों को एक अहम बदलाव का सामना करना पड़ रहा है। कई म्यूचुअल फंड हाउसों ने अपने Gold ETFs में बल्क सब्सक्रिप्शन को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब त्योहारी मांग के चलते सोने की खरीदारी बढ़ने की उम्मीद होती है। हालांकि, यह निर्णय मुख्य रूप से बड़े निवेशकों और लिक्विडिटी के नजरिए से लिया गया है, और खुदरा निवेशकों पर इसका प्रभाव सीमित रहने की संभावना है।
आगे के लिए निवेशकों की नजर US के आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की कमेंट्री पर होगी, जो सोने की अगली दिशा तय करेंगे। वहीं, घरेलू बाजार में त्योहारी मांग और ETF से जुड़े नए अपडेट्स पर नजर रखना फायदेमंद होगा। शुक्रवार को सिल्वर, प्लैटिनम और पैलेडियम में भी तेजी रही, लेकिन उन पर भी ब्याज दरों के वैश्विक दबाव का असर साफ दिख रहा है।
