US से आने वाले PCE महंगाई डेटा के इंतजार में सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई है। बुधवार को स्पॉट गोल्ड के दाम **0.9%** फिसल गए, जिससे इसकी तीन दिन की तेजी पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
बाजार में क्यों है सावधानी?
सोने की कीमतें बुधवार को घटकर $4,616.62 प्रति औंस पर आ गईं। हालिया तेजी के बाद निवेशकों का मुनाफावसूली की ओर रुख करना स्वाभाविक है, लेकिन असली डर US के 'Personal Consumption Expenditures' (PCE) डेटा का है। यह डेटा तय करेगा कि आने वाले समय में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाता है। चूंकि गोल्ड पर कोई इंटरेस्ट या डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए निगेटिव मानी जाती हैं।
जैक्सन होल का है इंतजार
अब सबकी नजरें 27 अगस्त, 2026 से शुरू होने वाले 'जैक्सन होल इकोनॉमिक पॉलिसी सिम्पोजियम' पर टिकी हैं। फेडरल रिजर्व के चेयर Kevin Warsh का यहां दिया जाने वाला भाषण मार्केट की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। बाजार यह समझने की कोशिश में है कि उनका पॉलिसी अप्रोच कैसा रहेगा।
जियो-पॉलिटिकल तनाव और अन्य मेटल्स
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान और ओमान के बीच चल रही चर्चाओं ने ग्लोबल सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है, जो सुरक्षित निवेश के तौर पर गोल्ड को सपोर्ट दे सकती हैं। दूसरी ओर, चीन द्वारा हांगकांग के जरिए सोने के आयात में 11% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो फिजिकल डिमांड में मजबूती दिखाती है।
अन्य कमोडिटी की बात करें तो सिल्वर 0.3% गिरकर $68.46 और प्लैटिनम 0.3% गिरकर $1,852.06 प्रति औंस पर बंद हुए। हालांकि, पैलेडियम में 0.7% की तेजी रही और यह $1,335.09 पर पहुंच गया।
