MCX पर सोने की कीमतें **₹1.51 लाख** से **₹1.55 लाख** प्रति 10 ग्राम के दायरे में घूम रही हैं। ग्लोबल लेवल पर खरीदारी का सपोर्ट है, लेकिन भारतीय बाजारों में डिमांड कमजोर बनी हुई है। ऊंचे भाव के चलते ग्राहक नई ज्वेलरी खरीदने के बजाय पुराना सोना बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सोने की बाजार में इन दिनों एक अजीब सा 'टग-ऑफ-वार' देखने को मिल रहा है। एक तरफ ग्लोबल इंस्टीट्यूशनल बाइंग का सपोर्ट है, तो दूसरी तरफ भारतीय बाजार में रिटेल डिमांड काफी सुस्त है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव फिलहाल ₹1,51,900 से ₹1,55,800 प्रति 10 ग्राम के दायरे में सिमटा हुआ है।
क्यों दबाव में है सोने की चमक?
सोने की चाल को क्रूड ऑयल की वोलाटिलिटी और अमेरिका के फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के इंटरेस्ट रेट फैसलों से दिशा मिल रही है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो सोने की डिमांड पर असर पड़ता है क्योंकि यह बॉन्ड या एफडी (Fixed Deposit) की तरह ब्याज नहीं देता। हालांकि, चीन के सेंट्रल बैंक (People's Bank of China) जैसे बड़े संस्थान अभी भी गोल्ड जमा कर रहे हैं, जिससे कीमतों को एक बेस सपोर्ट मिल रहा है।
भारतीय बाजार में 'रिसाइकल्ड' गोल्ड का बोलबाला
भारत में स्थिति बिल्कुल अलग है। घरेलू बाजार में सोना इंपोर्ट कॉस्ट के मुकाबले डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है 'रिसाइकल्ड गोल्ड' की बढ़ती सप्लाई। लोग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके सोने के भाव का फायदा उठाने के लिए अपनी पुरानी ज्वेलरी बेच रहे हैं, जिससे मार्केट में सप्लाई बढ़ गई है और नई खरीदारी में कमी आई है।
वेडिंग सीजन पर नजर
आम तौर पर शादी-ब्याह का सीजन गोल्ड के लिए बहार लेकर आता है, लेकिन इस बार ग्राहक काफी प्राइस-सेंसिटिव दिख रहे हैं। लोग अब हल्के वजन की ज्वेलरी पसंद कर रहे हैं या फिर कीमतों में स्थिरता का इंतजार कर रहे हैं। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या शादियों की डिमांड रिसाइकल्ड गोल्ड की बढ़ती सप्लाई को सोख पाएगी या फिर महंगाई और ऊंचे भाव के चलते डिमांड पर और ब्रेक लगेगा।
