Gold Silver Price: सोने-चांदी की चाल रुकी! ग्लोबल डर और प्रॉफिट-बुकिंग के बीच अटकी कीमतें

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Gold Silver Price: सोने-चांदी की चाल रुकी! ग्लोबल डर और प्रॉफिट-बुकिंग के बीच अटकी कीमतें
Overview

सोने और चांदी की कीमतों में इस समय खास तेजी या मंदी देखने को नहीं मिल रही है। बाजार प्रॉफिट-टेकिंग (Profit-taking) और मजबूत रेसिस्टेंस लेवल (Resistance Level) के बीच फंसा हुआ है, हालांकि भू-राजनीतिक (Geopolitical) उम्मीदों से थोड़ा सहारा जरूर मिला है। MCX पर सोना करीब ₹1,54,550 के पास बना हुआ है, जबकि COMEX पर सोना $4,850 के आसपास सीमित है।

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क्यों रुकी है सोने-चांदी की चाल?

सोने-चांदी के भाव इस वक्त एक तंग ट्रेडिंग बैंड (Trading Band) में फंसे हुए हैं, जो दुनिया भर से आ रहे मिले-जुले संकेतों को दर्शाता है। एक तरफ जहां सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट-टेकिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूद मजबूत रेजिस्टेंस जोन (Resistance Zone) कीमतों को और बढ़ने से रोक रहे हैं।

भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजार के अहम स्तर

भारत के MCX पर सोने के भाव करीब ₹1,54,550 तक बढ़े हैं, जिसमें लगभग ₹550 का उछाल आया है। हालांकि, मुनाफावसूली (Profit-taking) के कारण यह बढ़ोतरी आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसी तरह, COMEX पर सोना $4,850 के पार जाने के लिए संघर्ष कर रहा है, जो एक सीलिंग की तरह काम कर रहा है। यह दिखाता है कि बाजार अभी किसी एक दिशा में बढ़ने को लेकर झिझक रहा है और छोटी-मोटी हलचल पर ही रिएक्ट कर रहा है।

भू-राजनीतिक उम्मीदें बनाम सेंट्रल बैंकों की चिंता

बाजार पर भू-राजनीतिक घटनाओं और आर्थिक कारकों का मिला-जुला असर दिख रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों में नरमी सोने को कुछ सहारा दे रही है। यह पैटर्न तब अक्सर दिखता है जब भू-राजनीतिक चिंताएं बढ़ती हैं। लेकिन, दुनिया भर में छाई अनिश्चितता और प्रमुख सेंट्रल बैंकों (Central Banks) का महंगाई और ब्याज दरों को लेकर सतर्क रुख, किसी भी बड़ी तेजी की संभावना को कम कर रहा है।

निवेशकों का मूड और बाजार की अनिश्चितता

गोल्ड माइनिंग की बड़ी कंपनियां जैसे Barrick Gold और Newmont Mining की परफॉर्मेंस तो स्थिर दिख रही है, लेकिन कोई खास उछाल नहीं है। इसी तरह, गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) भी COMEX के भावों का करीब से अनुसरण कर रहे हैं। इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (Institutional Investors) में भी किसी मजबूत रुझान की कमी दिख रही है। हालांकि कुछ जगहों पर महंगाई में नरमी के संकेत हैं, लेकिन इसके बने रहने से सेंट्रल बैंक सतर्क मौद्रिक नीति अपनाए हुए हैं, जिससे कीमती धातुओं को मिलने वाली अतिरिक्त तेजी पर लगाम लगी हुई है।

आगे क्या हो सकता है?

विश्लेषकों का मानना है कि सोना आगे भी इसी तरह एक सीमित दायरे में ट्रेड करता रहेगा। LKP Securities के कमोडिटी और करेंसी के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एनालिस्ट, जेटीन त्रिवेदी (Jateen Trivedi) का अनुमान है कि सोना ₹152,500 से ₹156,000 के बीच कारोबार करेगा। इसका मतलब है कि सोने की कीमत में होने वाली हलचल, किसी बड़े आर्थिक संकेत के उभरने से पहले, रोज की भू-राजनीतिक खबरों और करेंसी की चाल पर निर्भर करेगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.