भू-राजनीति से सोने का अलगाव
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव पर सोने की कीमतों में कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दिख रही है, जबकि ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र की अस्थिरता ने कीमती धातु की मांग को बढ़ाया है। यह वर्तमान रुझान बाजार की गतिशीलता में बदलाव का संकेत देता है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतों के बीच 10% से अधिक का अंतर बताता है कि तरलता (Liquidity) और आयात शुल्क जैसे स्थानीय बाजार कारक मूल्य निर्धारण को प्रभावित कर रहे हैं। कई निवेशक अब सोने को एक सेफ हेवन (Safe Haven) के बजाय एक ऐसे ट्रेड के रूप में देख रहे हैं, जहां बढ़ते अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury Yields) के कारण इसे रखने की लागत अधिक है।
