अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें **$4,128** प्रति औंस के स्तर पर स्थिर बनी हुई हैं, क्योंकि निवेशकों की नजरें अमेरिका के महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हैं। वहीं, भारत में सोने की कीमतों में मजबूती है, जबकि औद्योगिक मांग के चलते चांदी में **1%** का उछाल दर्ज किया गया है।
अमेरिकी आंकड़ों का इंतजार
ग्लोबल मार्केट में सोना फिलहाल एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट गोल्ड $4,128 प्रति औंस के ऊपर बना हुआ है, जबकि गोल्ड फ्यूचर्स $4,157 के आसपास मंडरा रहे हैं। निवेशकों में फिलहाल सावधानी का माहौल है और वे बड़े आर्थिक डेटा के आने से पहले किसी भी तरह का रिस्क लेने से बच रहे हैं।
बाजार की नजरें मुख्य रूप से Core PCE Price Index, बेरोजगारी के आंकड़े और Nonfarm Payrolls पर हैं। ये आंकड़े अमेरिकी इकोनॉमी की सेहत तय करेंगे, जिसका सीधा असर फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसलों पर पड़ेगा। चूंकि सोना एक नॉन-यील्डिंग एसेट है, इसलिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद सोने पर दबाव बना सकती है।
भारतीय बाजारों का हाल
घरेलू बाजार में सोने की कीमत ₹147,466 प्रति 10 ग्राम के आसपास है, जबकि MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना ₹149,311 पर मजबूती से ट्रेड कर रहा है।
वहीं, चांदी की चमक निवेशकों का ध्यान खींच रही है। औद्योगिक मांग बढ़ने की वजह से घरेलू बाजार में चांदी 1% बढ़कर ₹223,815 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। MCX पर भी चांदी के फ्यूचर्स ₹226,240 प्रति किलोग्राम पर स्थिर हैं।
आगे की राह
अगर आने वाले अमेरिकी आंकड़े उम्मीद से मजबूत रहते हैं, तो फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर रख सकता है, जो सोने के लिए चुनौती बन सकता है। इसके विपरीत, अगर अर्थव्यवस्था में सुस्ती के संकेत मिलते हैं, तो रेट कट की संभावना बढ़ेगी, जिससे सोने को सपोर्ट मिल सकता है।
