बुधवार को सोने का भाव ₹4,029 प्रति औंस पर स्थिर रहा, क्योंकि ग्लोबल निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। बाजार के अनुमान के मुताबिक, दरों में कोई बदलाव नहीं होने की उम्मीद है, हालांकि महंगाई के भविष्य के संकेत कीमती धातु की कीमत के लिए एक बड़ी चिंता बने हुए हैं।
फेड के फैसले का इंतजार
आज सोने की कीमतों में खास हलचल देखने को नहीं मिली। बुधवार को यह $4,029 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था। ग्लोबल मार्केट की नजरें आज अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की ब्याज दर (Interest Rate) पर आने वाले फैसले पर टिकी हैं। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) आज अपने फैसलों का ऐलान कर सकती है। निवेशक फेड चेयरमैन केविन वार्श (Kevin Warsh) की टिप्पणियों पर खास ध्यान दे रहे हैं, ताकि यह समझा जा सके कि सेंट्रल बैंक बढ़ती महंगाई (Inflation) और भविष्य की ब्याज दरों को कैसे संभालेगा।
ब्याज दरों का सोने पर असर
बाजार के आंकड़ों के अनुसार, 70% संभावना है कि फेडरल रिजर्व मौजूदा ब्याज दरों को बनाए रखेगा। हालांकि, 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की 30% संभावना बनी हुई है। ट्रेडर्स पहले से ही सितंबर तक दरों में बढ़ोतरी की 76% संभावना मान रहे हैं। सोने में निवेश करने वालों के लिए ब्याज दरें बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि सोना कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं देता। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो बॉन्ड या सेविंग अकाउंट जैसी ब्याज देने वाली संपत्तियों की तुलना में सोना रखने की लागत बढ़ जाती है। इसके विपरीत, अगर फेड दरों में बढ़ोतरी रोकने का संकेत देता है, तो यह अक्सर सोने की कीमतों को सहारा देता है।
ग्लोबल इकोनॉमी और महंगाई
महंगाई का दबाव सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है। इस हफ्ते यूके (UK) और जापान (Japan) के सेंट्रल बैंक भी अपनी पॉलिसी का ऐलान करने वाले हैं। दोनों संस्थाओं ने बढ़ती लागतों को लेकर चिंता जताई है, जो ऐतिहासिक रूप से सोने को एक सुरक्षित संपत्ति (Store of Value) के रूप में स्थापित करता है। जब महंगाई के कारण कागज की मुद्रा की क्रय शक्ति कम हो जाती है, तो निवेशक अक्सर सोने को अपनी संपत्ति बचाने के लिए एक रक्षात्मक संपत्ति के रूप में देखते हैं।
भू-राजनीतिक तनाव और अन्य कीमती धातुएं
हाल ही में ईरान द्वारा पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल लॉन्च की खबरों ने बाजारों में भू-राजनीतिक अनिश्चितता ला दी है। इस तरह की घटनाएं अक्सर निवेशकों को सोना जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर ले जाती हैं। अन्य कमोडिटी (Commodity) की बात करें तो, अमेरिका में कच्चे तेल के भंडार में गिरावट के चलते तेल की कीमतों में मामूली वृद्धि देखी गई। अन्य कीमती धातुओं में भी मिला-जुला रुख रहा: स्पॉट सिल्वर (Silver) 0.9% बढ़कर $57.65 पर पहुंच गया, प्लैटिनम (Platinum) 0.3% बढ़कर $1,600.40 हो गया, जबकि पैलेडियम (Palladium) 0.7% गिरकर $1,261 पर आ गया। Commerzbank ने अपनी भविष्यवाणी में सुधार करते हुए कहा है कि साल के अंत तक सोना $4,500 प्रति औंस तक पहुंच सकता है, हालांकि यह अनुमान वैश्विक ब्याज दरों और महंगाई के वास्तविक रुख पर बहुत अधिक निर्भर करेगा।
