MCX पर सोने की कीमतें लगभग **₹1,53,000** प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड लेवल के पास बनी हुई हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते सोने की मांग तो है, लेकिन अमेरिकी फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना ने दबाव भी बना रखा है।
बाजार की उलझन
सोने की कीमतें इस समय दो विरोधाभासी संकेतों के बीच फंसी हुई हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर्स लगभग ₹1,53,000 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। घरेलू बाजार में यह मजबूती मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट के भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) की वजह से है। निवेशक अनिश्चितता के दौर में सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) मानते हैं, जिस वजह से बुलियन में खरीदारी बनी हुई है।
क्रूड ऑयल का असर
इस बीच, क्रूड ऑयल के दाम $100 प्रति बैरल के पार निकल गए हैं। ऊर्जा की कीमतों में इस उछाल से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। जब महंगाई काबू में नहीं रहती, तो सेंट्रल बैंक सख्त रुख अपनाते हैं। इसी के चलते अमेरिकी फेड रिजर्व (US Federal Reserve) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की चर्चा जोरों पर है। मार्केट अभी 15-16 सितंबर को होने वाली फेड मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ने की करीब 60% संभावना मानकर चल रहा है।
आगे क्या होगा?
चूंकि सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए बढ़ती ब्याज दरें सोने के लिए एक चुनौती बन जाती हैं। निवेशकों की नजर अब 11 सितंबर को आने वाले अमेरिका के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) आंकड़ों पर है। ये रिपोर्ट तय करेगी कि आने वाले दिनों में सोने की चाल क्या होगी। यदि तनाव और बढ़ता है तो कीमतें सपोर्ट लेंगी, लेकिन अगर अमेरिकी महंगाई का डेटा अनुमान से ज्यादा आता है, तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है।
