17 जुलाई को भारत के बड़े शहरों में सोने की कीमतों में नरमी देखी गई। 24-कैरेट सोने के दाम प्रति ग्राम ₹31 तक गिरे, जिससे खुदरा खरीदारों और निवेशकों पर असर पड़ा है।
देश भर में सोने की कीमतों में आई गिरावट
17 जुलाई को भारत के प्रमुख शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24-कैरेट सोने का भाव प्रति ग्राम ₹31 तक कम हो गया। वहीं, 24-कैरेट सोने के 8 ग्राम के लिए ग्राहकों को ₹248 कम चुकाने पड़े, जिससे यह ₹1,10,464 तक पहुंच गया।
22-कैरेट सोने पर भी असर
यह गिरावट सिर्फ शुद्ध सोने तक सीमित नहीं रही। भारत में गहनों के लिए इस्तेमाल होने वाले 22-कैरेट सोने की कीमत में भी कमी आई। 22-कैरेट सोने के 8 ग्राम के भाव में ₹240 की गिरावट दर्ज की गई, जबकि प्रति ग्राम कीमत ₹30 घटी। ये कीमतें घरेलू बुलियन मार्केट के दैनिक उतार-चढ़ाव का हिस्सा हैं, जो वैश्विक सप्लाई-डिमांड और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी ट्रेडिंग से काफी प्रभावित होती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
भारतीय निवेशक सोने को महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश मानते हैं। कीमतों में नरमी से खुदरा खरीददारों के व्यवहार पर अल्पकालिक असर पड़ सकता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में सोने की घरेलू कीमतें वैश्विक रुझानों के अलावा दो मुख्य कारकों पर निर्भर करती हैं: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की मजबूती और सरकार द्वारा लगाए जाने वाले आयात शुल्क। चूंकि भारत अपनी सोने की अधिकांश जरूरतें आयात से पूरी करता है, इसलिए मुद्रा के मूल्य या कर नीतियों में कोई भी बदलाव स्थानीय कीमतों में अंतर पैदा कर सकता है।
जो निवेशक कीमती धातुओं पर नजर रखते हैं, उन्हें आने वाली वैश्विक केंद्रीय बैंक की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के सेंटिमेंट पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये आने वाले हफ्तों में सोने की कीमतों की दिशा तय करते हैं। हालांकि कीमतों में आई यह गिरावट कुछ के लिए खरीदारी का अच्छा मौका हो सकती है, वहीं अन्य निवेशक वैश्विक कमोडिटी बाजारों से स्पष्ट संकेतों का इंतजार कर सकते हैं कि क्या यह एक स्थायी गिरावट है या सिर्फ एक अस्थायी सुधार।
