अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतों ने दो हफ्तों का उच्चतम स्तर छुआ है। लाल सागर में तेल टैंकरों पर मंडरा रहे खतरे और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर निवेशकों की नजर बनी हुई है। इसी का असर है कि दिल्ली में सोने का भाव **₹1.47 लाख** प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है।
Detailed Coverage
क्यों उछले सोने के दाम?
बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया, जो पिछले करीब दो हफ्तों का उच्चतम स्तर है। दरअसल, जब भी दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले सोने की ओर रुख करते हैं। ताजा मामला लाल सागर (Red Sea) में तेल टैंकरों पर मंडरा रहे खतरे का है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई में रुकावट की चिंता बढ़ गई है।
ग्लोबल और घरेलू बाजार का हाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, COMEX गोल्ड फ्यूचर्स 1.17% बढ़कर $4,124 प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी में 1.70% की बढ़त के साथ $60.115 प्रति औंस का स्तर देखा गया। भारत में, दिल्ली के बाजार में सोने का भाव मंगलवार को ₹800 बढ़कर ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। हालांकि, चांदी की कीमतों में ₹2.21 लाख प्रति किलोग्राम पर स्थिरता बनी रही।
फेडरल रिजर्व की पॉलिसी का असर
भू-राजनीतिक तनाव के अलावा, निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की आगामी मौद्रिक नीति बैठक पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं। सोना कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं देता, इसलिए यह सरकारी बॉन्ड जैसी संपत्तियों के साथ प्रतिस्पर्धा करता है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो बॉन्ड अधिक आकर्षक हो जाते हैं, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। अगर फेडरल रिजर्व यह संकेत देता है कि वह भविष्य में दरें कम कर सकता है, तो सोना निवेशकों के लिए अधिक लुभावना हो जाता है। बाजार की निगाहें फिलहाल केंद्रीय बैंक के भविष्य के अनुमानों और टिप्पणियों पर हैं, जो अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा का संकेत देंगी।
मांग और भविष्य का अनुमान
शारीरिक मांग (Physical Demand) में मजबूती ने मौजूदा कीमतों को सहारा दिया है। दुनिया भर के विभिन्न केंद्रीय बैंकों से महत्वपूर्ण खरीदारी और चीन जैसे प्रमुख बाजारों में उपभोक्ताओं की लगातार रुचि ने सोने की कीमत को एक आधार प्रदान किया है। चांदी को उसके कीमती धातु और औद्योगिक सामग्री, दोनों के रूप में लाभ मिल रहा है। स्वच्छ-ऊर्जा प्रौद्योगिकियों और इलेक्ट्रॉनिक्स में इसके बढ़ते उपयोग से लगातार मांग पैदा होती है, जिससे कभी-कभी सोने से अलग मूल्य चालें भी देखने को मिलती हैं।
निवेशकों के लिए, निकट अवधि की कीमतों की दिशा संभवतः भू-राजनीतिक स्थिति के विकास और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले नीतिगत बयान के लहजे पर निर्भर करेगी। जैसे-जैसे पश्चिम एशिया की खबरों के आधार पर बाजार में उतार-चढ़ाव होता है, निवेशकों को यह ट्रैक करना चाहिए कि मौजूदा शारीरिक मांग बनी रहती है या नहीं, या कीमत संवेदनशीलता खपत को कम करना शुरू कर देती है। LKP सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा उछाल सुरक्षित-हवन (safe-haven) खरीदारी से जुड़ा है और वे उम्मीद करते हैं कि MCX गोल्ड निकट भविष्य में ₹1.41 लाख से ₹1.45 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करेगा।
