US-Iran के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर सोने की कीमतों पर दिखा है। ग्लोबल अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग बढ़ने से MCX पर अक्टूबर गोल्ड का भाव **₹1,63,029** प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है।
ग्लोबल मार्केट का हाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल का असर कमोडिटी मार्केट में साफ दिख रहा है। COMEX पर गोल्ड फ्यूचर्स $4,714.50 प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है। घरेलू बाजार में भारतीय निवेशकों की नजर ग्लोबल बेंचमार्क पर बनी हुई है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे भारतीय ज्वेलरी और इन्वेस्टमेंट बाजार को प्रभावित करते हैं। पिछले दिन मामूली मुनाफावसूली के बाद, आज सोने ने फिर से रफ्तार पकड़ी है।
क्यों बढ़ रही है सोने की चमक?
तनाव के अलावा, निवेशक अमेरिका की ट्रेजरी पॉलिसियों और लॉन्ग-टर्म बॉन्ड बायबैक प्रोग्राम को लेकर भी चिंतित हैं। मार्केट के जानकारों का मानना है कि इन नीतियों से करेंसी की वैल्यू गिरने और महंगाई बढ़ने का जोखिम है, जिससे गोल्ड की मांग एक सुरक्षित 'स्टोर ऑफ वैल्यू' के रूप में बढ़ रही है।
भारतीय निवेशकों के लिए अहम संकेत
भारत में सोने की अंतिम कीमत वैश्विक स्पॉट प्राइस और डॉलर-रुपये के एक्सचेंज रेट के तालमेल पर तय होती है। चूंकि भारत अपनी सोने की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए रुपये में आने वाली गिरावट भी सोने को और महंगा बना सकती है।
फिलहाल, मार्केट पार्टिसिपेंट्स को अमेरिका और ईरान के बीच चल रही स्थिति पर पैनी नजर रखने की सलाह है। यदि तनाव कम होता है, तो बाजार में सेंटिमेंट बदल सकता है और प्रॉफिट-बुकिंग देखने को मिल सकती है। निवेशकों को ग्लोबल सेंट्रल बैंक की कमेंट्री और अमेरिकी फिस्कल पॉलिसी के अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए ताकि मौजूदा तेजी के रुझान को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
