26 अक्टूबर को भारत के बड़े शहरों में सोने की कीमतों में तेजी देखी गई है। 22-कैरट सोने में प्रति ग्राम ₹15 का इजाफा हुआ है, जो घरेलू बाजार की करेंसी ट्रेंड्स और त्योहारी सीजन की मांग के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है।
26 अक्टूबर को देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। 22-कैरट सोना प्रति ग्राम ₹15 महंगा हुआ, जबकि 24-कैरट सोने में भी इसी तरह की हलचल देखी गई। यह बदलाव बाजार की जटिल स्थितियों को दर्शाता है।\n\nभारतीय निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि घरेलू सोने की कीमतें केवल लोकल मांग पर निर्भर नहीं करतीं। रिटेल बुलियन शॉप्स पर सोने के भाव अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड रेट्स और भारतीय रुपये की मजबूती पर टिके होते हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए रुपये में कमजोरी के कारण सोना महंगा हो जाता है, भले ही वैश्विक स्तर पर कीमतें स्थिर रहें।\n\nत्योहारी सीजन और शादियों का दौर शुरू होने के कारण सोने की मांग में तेजी आती है, जो कीमतों पर सीधा असर डालती है। मुंबई, दिल्ली और चेन्नई जैसे शहरों में टैक्स और लोकल डिमांड-सप्लाई के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है।\n\nनिवेशकों को सलाह है कि फिजिकल गोल्ड, जैसे ज्वैलरी या बार, में मेकिंग चार्ज और स्टोरेज की चिंता रहती है। इसके बजाय गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) निवेश के बेहतर और लिक्विड विकल्प हो सकते हैं। आने वाले समय में ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतों, डॉलर इंडेक्स और आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीतियों पर नजर रखना निवेशकों के लिए अहम होगा।
