सोमवार को सोने की कीमतों में **1%** की उछाल देखी गई, जो **$4,104** प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गईं। अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने और ट्रेजरी यील्ड्स (Treasury Yields) में गिरावट के कारण सोने की मांग बढ़ी है। चांदी की कीमतों में भी **1.5%** से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। निवेशक अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की कमेंट्री का इंतजार कर रहे हैं, जिससे भविष्य की ब्याज दरों का अंदाजा लग सके।
Detailed Coverage
सोने में क्यों आई तेजी?
वैश्विक बाजारों में सोमवार को सोना करीब 1% चढ़कर $4,104 प्रति औंस पर पहुंच गया। इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स (US Treasury Yields) का गिरना रहा। जब ब्याज दरें और डॉलर कमजोर होते हैं, तो सोना जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स (non-yielding assets) अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो जाती हैं, जो स्थिरता की तलाश में रहते हैं।
चांदी और अन्य धातुओं पर असर
इस दौरान चांदी की कीमतों में सोने से ज्यादा बढ़त देखी गई। COMEX एक्सचेंज पर चांदी 1.59% बढ़कर $59.845 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। प्रीशियस मेटल्स (Precious Metals) सेक्टर में भी सकारात्मक रुझान दिखा, क्योंकि बाजार की अस्थिरता के बाद निवेशक आत्मविश्वास लौट आया। प्लैटिनम (Platinum) और पैलेडियम (Palladium) की कीमतों में भी वृद्धि हुई। चांदी अक्सर बड़े मैक्रोइकॉनोमिक बदलावों पर ज्यादा प्रतिक्रिया देती है, क्योंकि इसका इस्तेमाल निवेश के साथ-साथ औद्योगिक धातु के तौर पर भी होता है।
फेडरल रिजर्व पर क्यों है नजर?
फिलहाल बाजार का सेंटिमेंट (sentiment) सकारात्मक है, लेकिन धातु की कीमतों पर अगला बड़ा असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की होने वाली पॉलिसी मीटिंग से पड़ेगा। आमतौर पर यह उम्मीद की जा रही है कि फेड फिलहाल ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, निवेशक इस साल के अंत में होने वाली संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी (rate hikes) के संकेतों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। दरअसल, बढ़ती ब्याज दरें सोने को कम आकर्षक बनाती हैं, क्योंकि बॉन्ड या सेविंग अकाउंट के विपरीत, सोना कोई ब्याज नहीं देता।
हालिया पोजीशनिंग को समझना
अमेरिकी कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग कमीशन (US Commodity Futures Trading Commission) के आंकड़ों के अनुसार, सट्टा निवेशक (speculative investors) सोने पर अपना दांव बढ़ा रहे हैं। 21 जुलाई को समाप्त सप्ताह में, नेट लॉन्ग पोजीशन (net long positions) यानी कीमतों में बढ़ोतरी की उम्मीद में किए गए सौदों की संख्या 4,438 बढ़कर 123,586 हो गई। यह दिखाता है कि बड़े निवेशक फिलहाल सोने के प्रति सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं।
आगे चलकर, बाजार फेड पॉलिसी मेकर्स की आधिकारिक टिप्पणियों और आने वाली अमेरिकी आर्थिक रिपोर्टों, जैसे ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर्स (durable goods orders) के आंकड़ों पर नजर रखेगा। इन अपडेट्स से ब्याज दरों की दिशा तय होने की उम्मीद है, जो सोना और चांदी के बाजारों के लिए एक महत्वपूर्ण कारक बनी हुई है। निवेशकों को यह भी ध्यान देना चाहिए कि पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाओं (geopolitical events) ने भले ही पहले कीमतों को प्रभावित किया हो, लेकिन वर्तमान में बाजार अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और डॉलर की मजबूती से अधिक प्रभावित हो रहा है।
