हफ्ते भर की भारी गिरावट के बाद सोने की कीमतों में कुछ राहत देखने को मिली है। सोमवार को गोल्ड **0.4%** की बढ़त के साथ **$2,658.90** प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।
पिछले हफ्ते सोने में 4% की तेज गिरावट देखी गई थी, जो जून के बाद की सबसे बड़ी गिरावट थी। इस सुधार की मुख्य वजह तेल की कीमतों में आई नरमी है। हालांकि, मार्केट अभी भी फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।\n\nनिवेशकों की नजर अब 28 अक्टूबर को होने वाली US Federal Reserve की बैठक पर टिकी है। सोना एक ऐसा एसेट है जिस पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए जब US में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशकों का रुझान बॉन्ड्स जैसे एसेट की ओर बढ़ जाता है। वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना 75% है, जो सोने की तेजी को सीमित कर सकती है।\n\n### भारतीय निवेशकों के लिए मायने\nभारत सोने का बड़ा आयातक है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव का सीधा असर Multi Commodity Exchange (MCX) पर पड़ता है। ग्लोबल कीमतों में बदलाव से भारतीय ज्वेलर्स और ग्राहकों की जेब पर भी असर पड़ता है।\n\nआगे मार्केट के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर Personal Consumption Expenditures (PCE) रिपोर्ट होगी। अगर महंगाई के आंकड़े अनुमान से ज्यादा रहते हैं, तो फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है, जिससे सोने पर दबाव बना रह सकता है।
