US लेबर मार्केट में सुस्ती के संकेतों के बाद सोने की कीमतों में तीन दिन की गिरावट पर ब्रेक लग गया है। डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड यील्ड गिरने से कीमती धातुओं में निवेशकों का भरोसा लौटा है, जिसका असर MCX पर भी दिख रहा है।
सोने की कीमतों में सुधार का मुख्य कारण अमेरिका से आए उम्मीद से कमजोर रोजगार आंकड़े हैं। इस डेटा ने निवेशकों को ब्याज दरों के भविष्य पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड $4,400 से $4,490 प्रति औंस के दायरे में ट्रेड कर रहा है।\n\n### रैली की वजह क्या है?\n\nजब US लेबर मार्केट ठंडा पड़ता है, तो यह संकेत मिलता है कि फेडरल रिजर्व अपनी ब्याज दरों को लेकर नरम रुख अपना सकता है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों में गिरावट आने से गोल्ड में निवेश करना अधिक आकर्षक हो जाता है। साथ ही, डॉलर इंडेक्स में नरमी से अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो गया है।\n\n### MCX पर क्या है हाल?\n\nभारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना ₹1,53,700 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। घरेलू बाजार में यह बढ़त न केवल ग्लोबल संकेतों का नतीजा है, बल्कि रुपये की चाल का भी असर है। यदि रुपया कमजोर होता है, तो गोल्ड का आयात महंगा हो जाता है, जो घरेलू कीमतों को एक मजबूत सपोर्ट देता है।\n\n### निवेशकों के लिए चेतावनी\n\nबाजार में अभी सतर्कता बरतने की जरूरत है। निवेशकों की नजर अब US नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट पर है। यदि यह रिपोर्ट उम्मीद से बेहतर आती है, तो मार्केट में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि मजबूत जॉब डेटा फेड को ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने का मौका दे सकता है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव और एनर्जी कीमतों में बदलाव जैसे फैक्टर्स भी गोल्ड की चाल तय करेंगे।
