US मिडटर्म चुनावों के चलते मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है। सोने की कीमतें फिलहाल **$3,926** से **$3,940** के दायरे में सिमटी हैं, क्योंकि निवेशक इक्विटी मार्केट में हुए नुकसान की भरपाई के लिए गोल्ड बेच रहे हैं।
बाजार में क्या चल रहा है?
3 नवंबर, 2026 को सोने के दाम $3,926 से $3,940 के बीच ट्रेड कर रहे हैं। हाल ही में सोने ने $3,959 के स्तर को छुआ था, लेकिन वहां से फिर गिरावट देखने को मिली। आमतौर पर तनाव के समय सोना तेजी दिखाता है, लेकिन इस बार मामला कुछ अलग है।
सोना क्यों नहीं चमक रहा?
इस समय सोने और क्रूड ऑयल के बीच एक मजबूत निगेटिव को-रिलेशन दिख रहा है। जब 2 नवंबर को क्रूड ऑयल की कीमतों में 7% की गिरावट आई, तो उसका असर सोने पर भी दिखा। सबसे बड़ी वजह यह है कि निवेशक इस समय सोने का इस्तेमाल 'लिक्विडिटी' जुटाने के लिए कर रहे हैं।
जब टेक्नोलॉजी या AI स्टॉक्स में गिरावट आती है, तो मार्जिन रिक्वायरमेंट्स (Margin Requirements) को पूरा करने के लिए निवेशक अपना गोल्ड बेच रहे हैं। इसका मतलब है कि शेयर बाजार की भारी बिकवाली सोने की कीमतों को नीचे खींच रही है।
आगे के लिए क्या हैं संकेत?
इकोनॉमिक मोर्चे पर स्थिति अभी भी चुनौतीपूर्ण है:
- US Federal Reserve: ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बरकरार हैं, जिससे बिना ब्याज या डिविडेंड (Dividend) वाले गोल्ड के मुकाबले बॉन्ड यील्ड ज्यादा आकर्षक लग रहे हैं।
- US मिडटर्म चुनाव: चुनावों के नतीजों का असर भविष्य की फिस्कल पॉलिसी पर पड़ेगा। यदि कांग्रेस के कंट्रोल में बदलाव होता है, तो बॉन्ड यील्ड और डॉलर में अस्थिरता आ सकती है, जो सोने की दिशा तय करेगी।
- ग्लोबल तनाव: US-Iran संघर्ष और ऊर्जा बाजारों में हलचल पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि यही अगले कुछ दिनों तक सोने की चाल तय करेंगे।
