4 नवंबर, 2026 को अमेरिकी चुनाव नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली बढ़त के बाद सोने की कीमतों में **3%** का भारी उछाल आया है। ग्लोबल बाजार में सोना **$4,042.2** प्रति औंस पर पहुंच गया है, जिससे भारतीय बाजार में भी हलचल तेज है।
बुधवार, 4 नवंबर, 2026 को अमेरिकी चुनावों के नतीजों का असर कमोडिटी मार्केट पर साफ दिखा। डेमोक्रेटिक पार्टी के अमेरिकी हाउस और सीनेट में नियंत्रण हासिल करने के बाद ग्लोबल मार्केट में सोने ने रफ्तार पकड़ी है। इस राजनीतिक अनिश्चितता के बीच निवेशक 'सेफ-हेवन' एसेट के तौर पर सोने की ओर रुख कर रहे हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
सोने में इस तेजी की मुख्य वजह कमजोर अमेरिकी डॉलर और US ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट है। जब पारंपरिक फाइनेंशियल एसेट्स का आकर्षण कम होता है, तो गोल्ड का दाम अक्सर बढ़ता है।
एक्सपर्ट्स की राय (Analyst Views)
बाजार के जानकारों में इसे लेकर मतभेद हैं। एक तरफ कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि तकनीकी आधार पर गोल्ड $4,700 के स्तर तक जा सकता है और यह लंबे समय के लिए निवेश का अच्छा मौका है। वहीं, दूसरी ओर कुछ सावधान एनालिस्ट्स इसे केवल एक 'रिलीफ रैली' मान रहे हैं। उनके अनुसार, यह तेजी शॉर्ट पोजीशन बंद होने की वजह से आई है। उनका कहना है कि जब तक महंगाई दर कम नहीं होती और ब्याज दरों में स्पष्टता नहीं आती, तब तक मौजूदा कीमतों पर खरीदारी में जोखिम हो सकता है।
फिजिकल डिमांड में सुधार
इंटरनेशनल मार्केट के अलावा, भारत में फिजिकल गोल्ड की डिमांड में भी सुधार दिख रहा है। वेडिंग सीजन नजदीक आने के कारण ज्वेलरी मार्केट में मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे साल के पहले 9 महीनों की सुस्ती के बाद बाजार में कुछ रिकवरी देखी जा सकती है।
