घरेलू बाजार में सोने की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। ग्लोबल मार्केट में सेंट्रल बैंकों की ब्याज दरों (Interest Rates) पर स्पष्टता का इंतजार है, जिसका असर सोने और चांदी के भावों पर साफ दिख रहा है।
भारत में 21 अक्टूबर को सोने की कीमतें एक सीमित दायरे में कारोबार करती दिखीं। घरेलू स्पॉट मार्केट में सोना ₹1,45,353 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। कीमती धातुओं में फिलहाल कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं दिख रहा है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर ट्रेडर्स इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि आने वाले महीनों में सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो सोना $4,147 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है।
बाजार पर असर डालने वाले फैक्टर्स
सोने की चाल पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों का सीधा असर देखने को मिल रहा है। हाल ही में ऊर्जा की लागत में मामूली कमी आई है, जिससे महंगाई को लेकर चिंताएं कुछ हद तक कम हुई हैं। चूंकि सोना अक्सर महंगाई के खिलाफ एक बचाव (Hedge) के रूप में खरीदा जाता है, इसलिए महंगाई का दबाव घटने से इसकी मांग पर असर पड़ता है। हालांकि, दूसरी तरफ सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई गिरावट ने सोने को एक कुशन दिया है, जिससे कीमतें बहुत ज्यादा नीचे नहीं गिरी हैं।
निवेशकों के लिए क्या है स्थिति?
दिवाली और धनतेरस जैसे त्योहार नजदीक आ रहे हैं, जो भारत में सोने की फिजिकल डिमांड के लिए बहुत अहम होते हैं। हालांकि ऊंचे भावों ने कुछ खरीदारों को सतर्क कर दिया है, लेकिन मौजूदा रेंज-बाउंड परफॉर्मेंस यह दिखाती है कि बाजार ग्लोबल संकेतों और स्थानीय मांग के बीच संतुलन बनाए हुए है। वहीं, चांदी की कीमतें भी ₹2,08,380 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही हैं।
भविष्य में सोने की दिशा मुख्य रूप से US Federal Reserve और Reserve Bank of India की नीतियों पर निर्भर करेगी। इसके अलावा कच्चे तेल और रुपये की चाल भी घरेलू कीमतों को प्रभावित करती रहेगी। निवेशकों को सलाह है कि वे केवल डेली उतार-चढ़ाव देखने के बजाय मैक्रो-इकोनॉमिक इंडिकेटर्स पर नजर रखें।
