12 अगस्त 2026 को सोने की कीमतों में लगातार सातवें दिन तेजी देखने को मिली। सोना ₹2,600 बढ़कर ₹1.59 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि चांदी ₹4,000 की उछाल के साथ ₹2.46 लाख प्रति किलोग्राम हो गई। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की मांग इस तेजी की मुख्य वजह है।
सोने-चांदी में रिकॉर्डतोड़ तेजी
12 अगस्त 2026 को भारतीय बाजारों में सोना और चांदी की कीमतों ने लगातार सातवें कारोबारी सत्र में अपनी बढ़त जारी रखी। सोने के भाव में ₹2,600 प्रति 10 ग्राम का इजाफा हुआ, जिससे यह ₹1,59,800 पर पहुंच गया। इसी तरह, राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमत में ₹4,000 की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹2,46,000 प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है।
तेजी की वजहें क्या हैं?
कीमती धातुओं में यह लगातार उछाल मुख्य रूप से वैश्विक कारकों से प्रेरित है। निवेशक वर्तमान में पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनावों के कारण सोने को एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर देख रहे हैं। इसके अलावा, अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और डॉलर की स्थिर चाल ने भी सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं के लिए अनुकूल माहौल बनाया है, जो धारकों को नियमित ब्याज नहीं देते हैं।
आगे क्या?
कीमतों में इस सकारात्मक रुझान के बावजूद, निवेशक अब थोड़ी सावधानी बरत रहे हैं। बाजारों की नजरें आने वाले अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह डेटा लगातार मूल्य दबाव दिखाता है, तो यह अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों पर सख्त रुख बनाए रखने के लिए प्रेरित कर सकता है। ऊंची ब्याज दरें आम तौर पर सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों (Non-yielding Assets) की निवेशकों के लिए अपील को कम कर देती हैं।
सात दिनों की लगातार तेजी के बाद, मुनाफावसूली (Profit Booking) का भी सामान्य जोखिम बना हुआ है। जब कीमतें कम समय में तेजी से बढ़ती हैं, तो कुछ निवेशक अपने लाभ को सुरक्षित करने के लिए अपनी होल्डिंग्स बेच सकते हैं। इससे कीमतों में अस्थायी सुधार आ सकता है। इन कमोडिटीज पर नजर रखने वालों के लिए अगला महत्वपूर्ण अपडेट अमेरिकी महंगाई के आंकड़े होंगे, जो यह संकेत देंगे कि यह तेजी जारी रह सकती है या बाजार में कुछ नरमी आ सकती है।
