सोने के निवेशकों के लिए बुरी खबर है। घरेलू बाजार में गोल्ड की कीमतों में पिछले दस दिनों में **₹8,500** की भारी गिरावट दर्ज की गई है और यह **₹1.46 लाख** प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।
घरेलू बाजार में MCX पर अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट का सोना ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर फिसल गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव साफ दिख रहा है, जहां स्पॉट गोल्ड की कीमतें $4,200 प्रति औंस के नीचे आ गई हैं।
गिरावट की असली वजह
सोने पर दबाव का मुख्य कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था है। US 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.15% के पार निकल गई है। जब सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़ती है, तो निवेशक गोल्ड जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट के बजाय बॉन्ड में पैसा लगाना ज्यादा पसंद करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर 2 महीने की ऊंचाई पर है, जिससे अन्य करेंसी वाले खरीदारों के लिए सोना महंगा हो गया है।
फेडरल रिजर्व और भविष्य की चाल
CME FedWatch Tool के मुताबिक, अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 72.5% तक पहुंच गई है। 'हायर-फॉर-लॉन्गर' रेट्स का दौर सोने के लिए हमेशा से निगेटिव माना जाता है। वहीं, मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जो महंगाई बढ़ा सकती हैं और फेड को और आक्रामक (Hawkish) रुख अपनाने पर मजबूर कर सकती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
तकनीकी तौर पर देखें तो गोल्ड कई सपोर्ट लेवल तोड़ चुका है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में घरेलू बाजार में सोना ₹1,44,000 से ₹1,49,500 की रेंज में ट्रेड कर सकता है। निवेशकों की नजर अब अमेरिका के कोर PCE प्राइस इंडेक्स, नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों पर है, जो सोने की अगली दिशा तय करेंगे।
