धनतेरस के शुभ मौके पर गोल्ड की कीमतों में नरमी देखी गई है। MCX पर सोना **₹1,42,000** प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। ग्लोबल फैक्टर्स के कारण घरेलू बाजार में त्योहारी खरीदारी का उत्साह भी थोड़ा ठंडा पड़ गया है।
शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को धनतेरस के दिन, जो पारंपरिक रूप से पीली धातु की भारी मांग के लिए जाना जाता है, सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। दिसंबर डिलीवरी के लिए MCX गोल्ड फ्यूचर्स ₹1,42,000 प्रति 10 ग्राम के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। त्योहारों के दौरान फिजिकल डिमांड बढ़ने के बावजूद आई यह गिरावट निवेशकों को हैरान कर रही है।
ग्लोबल दबाव का असर
घरेलू बाजार में सोने की गिरती कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय मार्केट के रुझानों से जुड़ी हैं। डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के चलते निवेशकों का रुझान सोने जैसे नॉन-इंटरेस्ट पेइंग एसेट्स से कम हुआ है। इसके अलावा, ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता और महंगाई के डर ने सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बनाए रखा है। ये बाहरी कारक भारतीय बाजारों में त्योहारी खरीदारी के असर को बेअसर कर रहे हैं।
इंडस्ट्री पर प्रभाव: वैल्यू बनाम वॉल्यूम
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल के अनुसार, इस साल त्योहारी परफॉर्मेंस को मापने का तरीका बदल गया है। पिछले साल के मुकाबले सोने की कीमतें लगभग 10% अधिक हैं, जिसके चलते ज्वैलर्स को कुल सेल्स वैल्यू में 20% से 30% तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि, सोने की जो मात्रा (वॉल्यूम) बेची जा रही है, वह लगभग स्थिर है। गोल्ड-रिलेटेड स्टॉक्स पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि रेवेन्यू के आंकड़े भले ही बेहतर दिखें, लेकिन कंज्यूमर वॉल्यूम में ग्रोथ अभी भी सुस्त बनी हुई है।
आने वाले समय में सोने की चाल अमेरिकी ब्याज दरों के फैसलों और वैश्विक महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगी। ये इंडिकेटर्स ही तय करेंगे कि सोने के दाम किस दिशा में जाएंगे, क्योंकि ये मौसमी मांग के बावजूद कीमतों पर अपना दबाव बनाए हुए हैं।
