Gold Silver Prices: डॉलर की आंधी और बॉन्ड यील्ड्स का असर, सोने-चांदी में आई बड़ी गिरावट!

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Gold Silver Prices: डॉलर की आंधी और बॉन्ड यील्ड्स का असर, सोने-चांदी में आई बड़ी गिरावट!
Overview

सोमवार, 30 मार्च, 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी यील्ड्स में बढ़ोतरी के कारण गोल्ड (Gold) और सिल्वर (Silver) जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स (non-yielding assets) कम आकर्षक हो गईं, जिसने जियोपॉलिटिकल टेंशन (geopolitical tension) के असर को फीका कर दिया।

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मैक्रोइकॉनॉमिक्स पर भारी पड़े जियोपॉलिटिक्स, सोने-चांदी में गिरावट

यह हफ्ता कीमती धातुओं के लिए थोड़ा निराशाजनक रहा। सोमवार, 30 मार्च, 2026 को गोल्ड (Gold) और सिल्वर (Silver) की कीमतों में ज़बरदस्त गिरावट आई। इसकी मुख्य वजह ग्लोबल मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर्स (macroeconomic factors) का हावी होना है। भले ही दुनिया के कई हिस्सों, जैसे वेस्ट एशिया (West Asia), में जियोपॉलिटिकल रिस्क (geopolitical risks) बढ़ रहे हैं, लेकिन इस बार बढ़ती अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड्स (Treasury yields) और डॉलर की मज़बूती ने कीमती धातुओं पर ज़्यादा दबाव बनाया है।

डॉलर की ताकत और यील्ड्स का असर

COMEX गोल्ड फ्यूचर्स (Gold futures) पिछले दिन के मुकाबले 1.28% गिरकर लगभग $4,437.33 प्रति औंस पर आ गए। वहीं, COMEX सिल्वर फ्यूचर्स (Silver futures) भी 2.09% लुढ़क कर लगभग $68.13 प्रति ट्रॉय औंस पर कारोबार कर रहे थे। एनालिस्ट्स का कहना है कि एक मज़बूत होता अमेरिकी डॉलर, जो सेफ-हेवन डिमांड (safe-haven demand) और एनर्जी एक्सपोर्ट्स (energy exports) से भी मजबूत हो रहा है, डॉलर-प्राइस्ड कमोडिटीज (dollar-priced commodities) को दूसरे देशों के खरीदारों के लिए महंगा बना रहा है। इसके साथ ही, बॉन्ड यील्ड्स (bond yields) में बढ़ोतरी होने से गोल्ड जैसी नॉन-इनकम जनरेटिंग एसेट्स (non-income generating assets) रखने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट (opportunity cost) बढ़ जाती है, जिससे निवेशक यील्ड देने वाले इंस्ट्रूमेंट्स की ओर शिफ्ट हो रहे हैं।

सिल्वर पर दोहरा दबाव: मैक्रो और इंडस्ट्रियल

सिल्वर, जो मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल से प्रभावित होने के साथ-साथ इंडस्ट्रियल यूसेज (industrial uses) पर भी काफी निर्भर करती है, दोहरी मार झेल रही है। ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ (global economic growth) और मैन्युफैक्चरिंग स्लोडाउन (manufacturing slowdown) को लेकर चिंताएं सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही हैं, जो इसकी कुल खपत का आधे से ज़्यादा हिस्सा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इंडस्ट्रियल एक्टिविटी में कमी, खासकर बड़े मार्केट्स में, सिल्वर की कीमतों पर बड़ा दबाव डाल सकती है।

फेड पॉलिसी और ईटीएफ के रुझान

फिलहाल मार्केट सेंटिमेंट (market sentiment) फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के इंफ्लेशन (inflation) से लड़ने पर फोकस को दर्शाता है, जिससे संकेत मिलता है कि इंटरेस्ट रेट्स (interest rates) लंबे समय तक ऊंचे रह सकते हैं। फेडरल रिजर्व ने मार्च 2026 में अपनी फेडरल फंड्स रेट (federal funds rate) को 3.5%-3.75% के बीच बरकरार रखा, जो लगातार इंफ्लेशन के जोखिमों को देखते हुए एक सतर्क रवैया दिखाता है। इस माहौल में गोल्ड और सिल्वर जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स (non-yielding assets) का आकर्षण कम हो जाता है। इसके अलावा, SPDR Gold Trust (जिससे $2.3 बिलियन) और iShares IAU (जिससे $1.6 बिलियन) जैसे बड़े गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) से निवेशकों का पैसा बाहर निकलना, उनकी सावधानी को दर्शाता है। कुछ एनालिस्ट्स तो यहां तक कह रहे हैं कि इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (institutional investors) गोल्ड ईटीएफ से कैपिटल (capital) निकालकर बिटकॉइन ईटीएफ (Bitcoin ETFs) में लगा रहे हैं।

आगे क्या? मिश्रित संकेत

आगे चलकर, निवेशक सेंट्रल बैंक्स (central banks) के संकेतों पर करीबी नजर रखेंगे, खासकर फेडरल रिजर्व की ओर से। हालांकि कुछ एनालिस्ट्स साल 2026 के अंत तक गोल्ड के लिए $6,000 से $6,300 प्रति औंस तक के लक्ष्य की भविष्यवाणी कर रहे हैं, लेकिन कीमती धातुओं का नज़दीकी भविष्य मौजूदा मैक्रोइकॉनॉमिक ट्रेंड्स (macroeconomic trends) से जुड़ा रहेगा। ट्रेजरी यील्ड्स (Treasury yields) और मज़बूत डॉलर का दबाव बना रहेगा, जब तक मॉनेटरी पॉलिसी (monetary policy) में कोई बड़ा बदलाव न आए या जियोपॉलिटिकल सिचुएशन (geopolitical situation) और न बिगड़े।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.