Gold Price: सोने की चाल पर बड़ी अनिश्चितता! Fed के फैसले से पहले बढ़ा दबाव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Gold Price: सोने की चाल पर बड़ी अनिश्चितता! Fed के फैसले से पहले बढ़ा दबाव

अमेरिका में मजबूत लेबर डेटा के कारण ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना **60%** तक पहुंच गई है। अब निवेशकों की नजरें आने वाले PPI और CPI आंकड़ों पर टिकी हैं, जो 16 सितंबर को होने वाली Federal Reserve की मीटिंग से पहले गोल्ड की दिशा तय करेंगे।

सोने की कीमतें इन दिनों उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रही हैं। अगस्त में 1,62,000 नई नौकरियों के आंकड़े ने यह संकेत दिया है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था काफी मजबूत बनी हुई है, जिससे Federal Reserve के लिए अपनी सख्त पॉलिसी को जारी रखना आसान हो सकता है।

क्यों दबाव में है सोना?

मार्केट अब 16 सितंबर को होने वाली मीटिंग में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 60% मानकर चल रहा है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने जैसे नॉन-इंटरेस्ट पेइंग एसेट को रखना महंगा हो जाता है, क्योंकि निवेशक US Treasury बॉन्ड्स की ओर रुख करने लगते हैं।

इन्फ्लेशन डेटा पर नजर

अब निवेशकों की निगाहें 11 सितंबर को आने वाले Producer Price Index (PPI) और 12 सितंबर के Consumer Price Index (CPI) पर हैं। अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो ब्याज दरें बढ़ने का जोखिम और बढ़ जाएगा। हालांकि, भू-राजनीतिक तनावों के बीच सोना एक 'सेफ हेवन' (Safe Haven) के तौर पर भी अपनी अपील बनाए हुए है।

संस्थागत निवेशकों का भरोसा

शॉर्ट-टर्म दबाव के बावजूद गोल्ड की बुनियाद मजबूत है। People’s Bank of China लगातार 22 महीनों से अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ा रहा है। वहीं, इस साल अब तक ग्लोबल गोल्ड-बैक्ड ETFs में $27.7 बिलियन का निवेश आ चुका है, जो बताता है कि बड़े निवेशक गिरावट को खरीदारी का मौका मान रहे हैं।

MCX पर क्या करें?

घरेलू मार्केट की बात करें तो MCX गोल्ड फ्यूचर्स फिलहाल एक दायरे में हैं। सोने के लिए ₹148,201 का सपोर्ट लेवल बेहद अहम है। अगर यह स्तर टूटता है, तो भाव ₹144,811 तक फिसल सकते हैं। वहीं, तेजी के लिए इसे ₹157,075 का रेजिस्टेंस पार करना होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.