अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद सोने की कीमतों में खास उछाल देखने को नहीं मिल रहा है। ऊंची अमेरिकी ब्याज दरों (Interest Rates) की चिंता और डॉलर की मजबूती सोने की कीमतों पर दबाव बना रही है।
अमेरिका-ईरान तनाव का गोल्ड पर असर
मिडिल ईस्ट में बढ़ती अस्थिरता के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में तो तेजी आई है, लेकिन यह तेजी सोने को सहारा नहीं दे पा रही है। आम तौर पर, भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) की स्थिति में निवेशक सुरक्षित माने जाने वाले सोने की ओर रुख करते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। ऐसा लगता है कि सोने में निवेश से जुड़े बड़े आर्थिक कारण, पारंपरिक सुरक्षित निवेश की मांग पर हावी हो रहे हैं।
ऊंची ब्याज दरें और महंगाई का डर
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, मिडिल ईस्ट में बढ़ती शत्रुता के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है। तेल की ऊंची लागत अक्सर महंगाई (Inflation) को लेकर चिंताएं बढ़ाती है, जो सीधे तौर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) की ब्याज दर नीति को प्रभावित करती है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए जब सरकारी बॉन्ड और फिक्स्ड-इनकम एसेट्स बेहतर यील्ड (Yield) देते हैं, तो सोना निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो जाता है। बाजार की उम्मीदें सितंबर में ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की ओर इशारा कर रही हैं, जो सोने के निवेशकों के लिए एक बड़ी बाधा साबित हो सकती है।
डॉलर की मजबूती और बाजार की चाल
मजबूत होता अमेरिकी डॉलर (US Dollar) सोने के लिए स्थिति को और जटिल बना रहा है। चूंकि सोने का वैश्विक कारोबार डॉलर में होता है, इसलिए मजबूत डॉलर अन्य देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा कर देता है। इस बढ़ी हुई कीमत के कारण मांग में कमी आ सकती है। मजबूत डॉलर और लगातार ऊंची ब्याज दरों की संभावना के मेल ने एक ऐसी स्थिति पैदा कर दी है जहां सोने की पारंपरिक भूमिका एक रक्षात्मक संपत्ति (Defensive Asset) के रूप में चुनौती झेल रही है।
मौजूदा भाव और निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें
बाजार के नजरिए से, सोना फिलहाल महत्वपूर्ण मूल्य स्तरों (Price Levels) का परीक्षण कर रहा है। भारतीय कमोडिटी मार्केट (Commodity Market) में, MCX गोल्ड 10 ग्राम के लिए ₹1,44,000 से ₹1,44,500 के दायरे में सपोर्ट (Support) देख रहा है। बाजार के जानकार यह भी मान रहे हैं कि अगर कीमतें इस दायरे से नीचे फिसलती हैं, तो ₹1,43,000 के स्तर तक और गिरावट देखने को मिल सकती है। वहीं, ट्रेंड में बदलाव या लगातार रिकवरी के लिए, सोने को ₹1,45,500 के ऊपर लगातार कारोबार करने की आवश्यकता होगी। सोने की भविष्य की दिशा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर अपडेट और मध्य पूर्व में चल रही भू-राजनीतिक स्थिति से गहराई से जुड़ी हुई है, क्योंकि इन क्षेत्रों में कोई भी महत्वपूर्ण बदलाव निवेशक की भावनाओं को तेजी से बदल सकता है।
