ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में **1.44%** की गिरावट दर्ज की गई है और यह **$4,300** प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। डॉलर में आई तेजी के चलते निवेशकों ने प्रॉफिट बुकिंग शुरू कर दी है, जिसका असर भारतीय बाजार में भी दिखा और सोना **₹1,51,415** प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है।
डॉलर और सोने का कनेक्शन
सोना डॉलर में ट्रेड होता है, इसलिए दोनों के बीच उल्टा संबंध होता है। जैसे ही अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100.87 के स्तर पर पहुंचा, गोल्ड की चमक थोड़ी फीकी पड़ गई। COMEX एक्सचेंज पर गोल्ड $4,365 के स्तर को छूने के बाद निवेशकों ने तेजी के बाद मुनाफावसूली की है।
अनिश्चितता का माहौल
बाजार में फिलहाल काफी उतार-चढ़ाव है। निवेशक अमेरिका-ईरान संबंध, संयुक्त राष्ट्र की कूटनीतिक बातचीत और राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा पर नजर गड़ाए हुए हैं। इस अनिश्चितता के कारण कमोडिटी मार्केट में वोलेटिलिटी बनी हुई है। साथ ही, ऊंची ब्याज दरों के कारण भी सोना कुछ निवेशकों के लिए कम आकर्षक हो गया है।
चीन की मांग बनी सहारा
गिरावट के बावजूद फिजिकल डिमांड बनी हुई है। चीन का गोल्ड इंपोर्ट अगस्त तक 1,000 टन को पार कर चुका है, जो कि 2025 के कुल खपत आंकड़े से भी ज्यादा है। तकनीकी जानकारों के अनुसार, $4,250 से $4,450 की रेंज में सोने के लिए सपोर्ट है। भविष्य में डॉलर की चाल और ग्लोबल इंफ्लेशन डेटा ही सोने की अगली दिशा तय करेंगे।
