भारतीय सर्राफा बाजार में 11 सितंबर, 2026 को बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोना **₹2,700** गिरकर **₹1,55,900** और चांदी **₹10,000** टूटकर **₹2,34,600** प्रति किलो पर आ गई है। ग्लोबल तेजी के बावजूद घरेलू बाजार में मुनाफावसूली का असर दिखा।
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को भारतीय बुलियन मार्केट में जबरदस्त हलचल रही। 99.9% शुद्धता वाला सोना ₹2,700 की गिरावट के साथ ₹1,55,900 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं चांदी ने और भी बड़ी गिरावट दर्ज की, जो ₹10,000 फिसलकर ₹2,34,600 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
ग्लोबल ट्रेंड से अलग क्यों चली चाल?
यह गिरावट इसलिए हैरान करने वाली है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में इसके ठीक उलट तस्वीर दिखी। ग्लोबल स्पॉट गोल्ड 1.15% बढ़कर $4,366.58 प्रति औंस पर रहा और चांदी भी 2% चढ़कर $64.77 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी। साफ है कि यह गिरावट वैश्विक संकेतों की वजह से नहीं, बल्कि घरेलू बाजार में मची बिकवाली का नतीजा है।
प्रॉफिट-बुकिंग और महंगाई का दबाव
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हालिया तेजी के बाद ट्रेडर्स ने 'प्रॉफिट-बुकिंग' को तरजीह दी है। ऊंचे भाव पर मुनाफा बांधने के लिए बड़े पैमाने पर बिकवाली की गई है। इसके अलावा, बढ़ती ट्रेजरी यील्ड और क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतें भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। महंगाई के फिर से सिर उठाने के डर से निवेशकों का सेंटीमेंट थोड़ा कमजोर हुआ है। अब बाजार की नजरें इस बात पर हैं कि क्या ये कीमतें नया सपोर्ट लेवल ढूंढ़ पाएंगी या फिजिकल डिमांड पर इनका बुरा असर पड़ेगा।
