ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में नरमी देखी गई है और भाव **$3,997** प्रति औंस पर आ गए हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों पर लिए गए फैसले और डॉलर में मजबूती के चलते भारतीय बाजार में भी गोल्ड फ्यूचर्स **₹1,42,351** प्रति 10 ग्राम तक फिसल गए हैं।
दुनियाभर के बाजारों में 30 अक्टूबर को सोने की कीमतों पर दबाव बना रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75% से 4.00% के बीच स्थिर रखा है, लेकिन सेंट्रल बैंक ने आगे भी दरें बढ़ाने के संकेत दिए हैं। इस रुख के कारण अमेरिकी डॉलर में मजबूती आई है, जो गोल्ड जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट के लिए सिरदर्द बन गई है।
ग्लोबल मार्केट का हाल
इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.59% गिरकर $3,997 प्रति औंस पर पहुंच गई हैं। वहीं, डॉलर इंडेक्स 102.26 के आसपास ट्रेड कर रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे डिमांड में कमी आती है। साथ ही, सोने पर ब्याज न मिलने के कारण निवेशक बॉन्ड्स या सेविंग्स की ओर रुख कर रहे हैं।
घरेलू बाजार पर असर
भारतीय मार्केट में भी इसका असर साफ दिखा। दिसंबर डिलीवरी वाले MCX गोल्ड फ्यूचर्स 0.17% घटकर ₹1,42,351 प्रति 10 ग्राम पर आ गए। चांदी की कीमतों में भी सुस्ती रही और यह 0.27% गिरकर ₹1,88,943 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है। इससे पहले स्पॉट गोल्ड ₹1,41,628 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
आगे की राह
फिलहाल ट्रेडर्स की नजरें अमेरिकी इकोनॉमिक डेटा पर टिकी हैं, जो दिसंबर में फेड के अगले कदम की दिशा तय करेगा। बाजार फिलहाल सतर्क मोड में है और जब तक अमेरिकी आर्थिक स्थितियों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आता, सोने की कीमतें सीमित दायरे में रहने की संभावना है।
