ग्लोबल मार्केट में सोने की कीमतों में **3%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे सोना **$4,134** प्रति औंस के 8-हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया है। भारतीय बाजार में भी MCX पर सोना **₹1,47,394** प्रति 10 ग्राम तक टूट गया है।
वैश्विक दबाव और फेडरल रिजर्व का रुख
सोने की कीमतों में यह गिरावट मुख्य रूप से डॉलर की मजबूती और यूएस ट्रेजरी यील्ड में उछाल के कारण आई है। ग्लोबल मार्केट में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जहां फ्यूचर्स मार्केट में फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की 68% संभावना जताई जा रही है। मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और 5.2% के करीब पहुंचती 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड ने सोने जैसे सुरक्षित निवेश के आकर्षण को कम कर दिया है।
इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव और ब्रेंट क्रूड के $108 प्रति बैरल के पार निकलने के बावजूद, गोल्ड में बिकवाली हावी है, क्योंकि ट्रेडर्स का ध्यान पूरी तरह से ब्याज दरों और डॉलर की मजबूती पर केंद्रित है।
भारतीय बाजारों पर असर
घरेलू बाजार में भी सोने ने वैश्विक रुख का पालन किया है। MCX पर सोने की कीमत 2.63% गिरकर ₹1,47,394 प्रति 10 ग्राम पर आ गई है। भारत में 15% की इंपोर्ट ड्यूटी पहले से ही कीमतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर से अधिक बनाए हुए है। अब रिटेलर्स और एनालिस्ट्स की नजरें नवरात्रि और दिवाली के दौरान होने वाली फिजिकल डिमांड पर टिकी हैं, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है।
आगे क्या होगा?
तकनीकी चार्ट पर सोने ने $4,250 का सपोर्ट तोड़ दिया है, जो एक चुनौतीपूर्ण संकेत है। यदि मुद्रास्फीति के आंकड़े ऊंचे रहते हैं, तो सोने का भाव अपने अगले सपोर्ट जोन $4,100 तक भी फिसल सकता है। निवेशकों को अब अमेरिका के लेबर मार्केट डेटा और पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर पर नजर रखनी चाहिए।
