ग्लोबल मार्केट में Gold की चमक फीकी पड़ गई है। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन Kevin Warsh के ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों के बाद सोने के दाम करीब **2%** गिर गए हैं।
ब्याज दरों का गोल्ड पर असर
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को गोल्ड की कीमतों में भारी हलचल देखने को मिली। Jackson Hole Economic Symposium में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन Kevin Warsh ने साफ किया कि महंगाई को 2% के लक्ष्य पर लाने के लिए अभी काफी काम बाकी है। इस बयान के बाद मार्केट में यह उम्मीद खत्म हो गई है कि फेड जल्दी ब्याज दरों में कटौती करेगा।
सोने पर इसका सीधा असर इसलिए हुआ क्योंकि गोल्ड एक ऐसी एसेट है जिस पर कोई ब्याज (Interest) नहीं मिलता। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो निवेशक सरकारी बॉन्ड जैसे विकल्पों की ओर भागते हैं, क्योंकि वहां उन्हें रेगुलर इनकम मिलती है। यही कारण है कि बढ़ती ब्याज दरों की आहट से गोल्ड की मांग घट गई है।
बड़े निवेशकों की रणनीति
कीमतों में गिरावट के बावजूद, संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) पूरी तरह से पीछे नहीं हटे हैं। आंकड़ों के अनुसार, गोल्ड-बेक्ड ETF में इस हफ्ते 20 टन की खरीदारी हुई है। यह संकेत है कि बड़े खिलाड़ी इस गिरावट को एक बाइंग अपॉर्चुनिटी (Buying Opportunity) मान रहे हैं।
बाजार में अनिश्चितता का दौर
चेयरमैन Warsh ने 'फॉरवर्ड गाइडेंस' की आलोचना की है, जिसका मतलब है कि फेड अब अपनी भविष्य की पॉलिसी को लेकर पहले से कम अनुमानित (Predictable) रहेगा। इससे आने वाले महीनों में कमोडिटी और बॉन्ड मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। निवेशकों के लिए अब अमेरिकी रोजगार और महंगाई के आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण हो गए हैं, क्योंकि इन्ही के आधार पर फेड अपनी अगली चाल तय करेगा।
