Federal Reserve के चेयरमैन Kevin Warsh के बयान के बाद सोने की कीमतों में नरमी देखी गई है। महंगाई को काबू में रखने के लिए ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने के संकेत ने सोने के निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
बाजार में क्यों मचा हड़कंप?
हाल ही में हुए जैक्सन होल इकोनॉमिक पॉलिसी सिम्पोजियम (Jackson Hole Economic Policy Symposium) के दौरान Federal Reserve के चेयरमैन Kevin Warsh ने साफ कर दिया कि महंगाई अभी भी एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रखने के संकेत दिए हैं, जिससे निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। मार्केट अब सितंबर में 25-basis point की बढ़ोतरी की संभावना 60% मानकर चल रहा है।
क्यों कम हो रहा है सोने का आकर्षण?
सोना एक ऐसा एसेट है जिस पर कोई ब्याज (Interest) नहीं मिलता। जब US Treasury बॉन्ड की यील्ड 4.7% तक पहुंच जाती है, तो निवेशक सुरक्षित रिटर्न के लिए बॉन्ड की तरफ शिफ्ट होने लगते हैं। इसका सीधा असर सोने की डिमांड पर पड़ रहा है। इसके साथ ही, डॉलर इंडेक्स में मजबूती ने भी सोने को महंगा बना दिया है, जिससे ग्लोबल मार्केट में इसकी मांग घटी है।
आगे की राह क्या है?
भले ही अभी ब्याज दरों का दबाव है, लेकिन अमेरिका का बढ़ता कर्ज और भू-राजनीतिक (Geopolitical) अनिश्चितता सोने के लिए एक सपोर्ट बेस का काम कर रही है। अब बाजार की नजरें आने वाले US लेबर मार्केट डेटा और महंगाई के आंकड़ों पर टिकी हैं। क्या सोना मौजूदा सपोर्ट लेवल पर टिक पाएगा, या दबाव और बढ़ेगा? यह सब आने वाले इकोनॉमिक डेटा और फेड के अगले फैसलों पर निर्भर करेगा।
