Gold Price: अमेरिका में मजबूत जॉब डेटा से सोने की चमक फीकी, कीमतों में **0.5%** की गिरावट

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AuthorMehul Desai|Published at:
Gold Price: अमेरिका में मजबूत जॉब डेटा से सोने की चमक फीकी, कीमतों में **0.5%** की गिरावट

अमेरिका के मजबूत लेबर डेटा के बाद सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। अगस्त में **1,62,000** नई नौकरियों के आंकड़े से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की अटकलें तेज हो गई हैं, जिससे सोना **$4,405** प्रति औंस के करीब आ गया है।

जॉब डेटा का बाजार पर असर

सोमवार को सोने की कीमतों में 0.5% की सुस्ती देखने को मिली। इस गिरावट की मुख्य वजह शुक्रवार को जारी हुआ अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट है। अगस्त में इकॉनमी ने 1,62,000 नए जॉब्स जोड़े हैं, जो मार्केट के अनुमान से काफी ज्यादा हैं। इसके साथ ही बेरोजगारी दर 4.1% पर स्थिर बनी हुई है, जो अमेरिकी लेबर मार्केट की मजबूती को दर्शाती है।

ब्याज दरों का दबाव

मजबूत डेटा के बाद अब 15-16 सितंबर को होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक पर सभी की नजरें हैं। मार्केट का अनुमान है कि अब ब्याज दरें बढ़ने की संभावना करीब 60% हो गई है। सोने पर ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए जब भी सेंट्रल बैंक रेट्स बढ़ाते हैं, तो निवेशक गोल्ड से निकलकर बॉन्ड्स जैसे एसेट क्लास में पैसा लगाना पसंद करते हैं।

इन्फ्लेशन और जियोपॉलिटिकल रिस्क

अब निवेशकों की निगाहें इस हफ्ते आने वाले PPI और CPI डेटा पर टिकी हैं। अगर ये आंकड़े उम्मीद से ज्यादा आते हैं, तो फेडरल रिजर्व को मॉनेटरी पॉलिसी और सख्त करनी पड़ सकती है, जिससे सोने की कीमतों पर और दबाव बन सकता है। इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव और तेल की कीमतों को लेकर चिंताएं भी मार्केट में अस्थिरता बढ़ा रही हैं।

आगे क्या?

आने वाले दिनों में इन्फ्लेशन के आंकड़े यह तय करेंगे कि सोने की चाल क्या होगी। यदि मुद्रास्फीति का दबाव बना रहता है, तो गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशक अब सेंट्रल बैंक के पॉलिसी मेकर्स के बयानों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.