Gold Price में रिकॉर्ड तोड़ उछाल! बैंकों ने 2026 के लिए टारगेट बढ़ाया, $5,200 के पार पहुंची कीमत

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Gold Price में रिकॉर्ड तोड़ उछाल! बैंकों ने 2026 के लिए टारगेट बढ़ाया, $5,200 के पार पहुंची कीमत
Overview

JPMorgan और Macquarie जैसी प्रमुख ब्रोकरेज फर्मों ने 2026 के लिए Gold Price के अपने अनुमानों को भारी रूप से बढ़ाया है। इन फर्मों को अब लंबी अवधि में सोने की कीमतें **$4,500** प्रति औंस और इससे भी ऊपर जाने की उम्मीद है। यह बढ़ोतरी सेंट्रल बैंकों द्वारा सोने की आक्रामक खरीदारी और अमेरिकी डॉलर की घटती प्रमुखता के कारण है। इस सकारात्मक माहौल के बीच, स्पॉट गोल्ड (spot gold) की कीमत भी साल-दर-तारीख (year-to-date) करीब **20%** उछल चुकी है।

सोने की कीमतों में नए युग की शुरुआत

बाजार में अब एक राय बन रही है कि सोना लंबी अवधि की मांग और ऊंचे दामों के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है। JPMorgan ने अपने लॉन्ग-टर्म गोल्ड प्राइस फोरकास्ट (long-term gold price forecast) में 15% का बड़ा इजाफा करते हुए इसे $4,500 प्रति औंस कर दिया है, जबकि Macquarie ने भी 2026 के अनुमानों को ऊपर की ओर संशोधित (revised) किया है।

ये अनुमान सिर्फ अटकलें नहीं हैं, बल्कि ये स्पष्ट मैक्रोइकॉनोमिक ट्रेंड्स (macroeconomic trends) पर आधारित हैं। दुनिया भर के सेंट्रल बैंक लगातार बड़ी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं। यह एक रणनीतिक कदम है जो पारंपरिक रिजर्व एसेट्स (reserve assets) से विविधीकरण (diversification) दिखा रहा है। इसके अलावा, कुछ देश अमेरिकी ट्रेजरी (U.S. Treasuries) को बेचने और अपनी आय को चीनी युआन (Chinese renminbi) में बदलने की बात कर रहे हैं। यह 'रिजर्व करेंसी पैराडाइम शिफ्ट' (reserve currency paradigm shift) का संकेत है।

सोने की मजबूती के पीछे के कारण

सोने की कीमतों में इस तेजी के पीछे सिर्फ सुरक्षित निवेश (safe-haven demand) की मांग ही नहीं है। सेंट्रल बैंकों ने अपनी सोने की होल्डिंग को बढ़ाना जारी रखा है। अनुमान है कि 2025 में उन्होंने करीब 863 टन सोना खरीदा, जो पिछले औसत से काफी ऊपर है। यह लगातार संस्थागत खरीदारी (institutional buying) सोने की कीमतों को मजबूत आधार दे रही है।

डी-डॉलराइजेशन (de-dollarization) की प्रवृत्ति तेज हो रही है। 2025 की दूसरी तिमाही तक, ग्लोबल फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व (global foreign exchange reserves) में अमेरिकी डॉलर की हिस्सेदारी गिरकर लगभग 56.32% रह गई, जो 1995 के बाद सबसे निचला स्तर है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि रिजर्व मैनेजर नीतिगत अनिश्चितताओं (policy uncertainties) के बीच विकल्प तलाश रहे हैं। साथ ही, ग्लोबल ट्रेड फाइनेंस (global trade finance) में चीनी युआन की भूमिका चौगुनी हो गई है, जो 2025 की शुरुआत तक 8% से अधिक हो गई है।

हालिया बाजार प्रदर्शन

इन ऊंचे अनुमानों की पुष्टि हाल के बाजार प्रदर्शन से भी होती है। स्पॉट गोल्ड (spot gold) साल-दर-तारीख (year-to-date) करीब 20% बढ़ चुका है और मंगलवार को यह तीन हफ्तों के उच्चतम स्तर $5,248.89 पर पहुंच गया। 2025 में इसमें 64% से अधिक की वृद्धि देखी गई थी। SPDR Gold Shares ETF (GLD) में लगभग $181 बिलियन की संपत्ति है और इसमें भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम देखा गया है। ETF की 52-सप्ताह की रेंज $261.25 से $509.70 रही है, जो इसकी कीमत में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाती है। 24 फरवरी, 2026 तक, स्पॉट की कीमतें लगभग $5,172.40 प्रति औंस पर थीं।

भविष्य के अनुमान और बुल केस

प्रमुख वित्तीय संस्थान सोने की कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं। JPMorgan का 2026 के अंत तक का अनुमान $6,300 प्रति औंस है। UBS जून 2026 तक $6,200 और Wells Fargo $6,100 से $6,300 का अनुमान लगा रहे हैं। BMO Capital Markets का मानना ​​है कि 2026 की चौथी तिमाही तक यह $6,350 तक जा सकता है।

ये अनुमान बताते हैं कि सोने में काफी अपसाइड पोटेंशियल (upside potential) है। यह एक स्ट्रक्चरल बुल साइकिल (structural bull cycle) की ओर इशारा कर रहा है, जो लगातार सेंट्रल बैंक की मांग और पोर्टफोलियो विविधीकरण से प्रेरित है।

संभावित जोखिम (Bear Case)

हालांकि, सोने की कीमतों में तेजी कुछ फंडामेंटल वैल्यूएशन (fundamental valuations) से आगे निकल गई है। ऐतिहासिक विश्लेषण से पता चलता है कि इसमें लगभग 15.9% का रिस्क प्रीमियम (risk premium) शामिल है, जो $3,898 के अनुमानित उचित मूल्य (fair value) से ऊपर है।

हालांकि 2025 में सेंट्रल बैंकों की कुल सोने की खरीद 2024 की तुलना में 21% कम हुई, यह अभी भी रिकॉर्ड चौथी सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि थी। बाजार की भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) या डॉलर में गिरावट पर निर्भरता एक बड़ी कमजोरी है। वैश्विक संघर्षों का समाधान या डॉलर का मजबूत होना कीमतों में तेज गिरावट ला सकता है। इसके अलावा, मौजूदा कीमतें ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों में मांग को कम कर सकती हैं।

भविष्य का दृष्टिकोण

कुल मिलाकर, सोने का भविष्य बहुत मजबूत दिख रहा है। अधिकांश अनुमानों के अनुसार, 2026 में कीमतें $5,000 और $6,000 के बीच रहने की उम्मीद है। सेंट्रल बैंकों की लगातार मांग, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और डॉलर से दूर विविधीकरण की रणनीतियों के कारण सोने की ऊपरी दिशा जारी रहने की संभावना है। हालांकि, निवेशकों को वैश्विक संघर्षों के समाधान या डॉलर के रुझान में बदलाव के कारण कीमतों में अचानक गिरावट के जोखिमों से सावधान रहना चाहिए।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.