Gold Price: दिल्ली में सोना ₹1.48 लाख पार, चांदी ₹600 गिरी; जानें वजह

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Gold Price: दिल्ली में सोना ₹1.48 लाख पार, चांदी ₹600 गिरी; जानें वजह

दिल्ली में सोने की कीमतों में आज ₹1,000 का उछाल आया, जिससे यह ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। रिटेल खरीदारों और ज्वैलर्स की खरीदारी से इसे सहारा मिला। वहीं, चांदी ₹600 गिरकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम रही।

सोने में आई जोरदार तेजी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज सोना ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह ₹1.47 लाख पर बंद हुआ था। ताज़ा खरीदारी, खासकर रिटेलर्स और ज्वैलर्स की ओर से, इस तेजी का मुख्य कारण है। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी घरेलू कीमतों को बल दिया है।

ग्लोबल मार्केट और डॉलर का खेल

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी के चलते सोने की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। फेडरल रिजर्व की पॉलिसी के संकेतों के बाद डॉलर इंडेक्स नरम पड़ा, जिससे दूसरे देशों की करेंसी रखने वाले निवेशकों के लिए सोना अधिक आकर्षक हो गया। हालांकि, भारतीय बाजार में रुपये की मजबूती ने सोने की कीमतों पर कुछ हद तक लगाम लगाई। चूंकि सोना आयात किया जाता है, इसलिए मजबूत रुपया इसे स्थानीय मुद्रा में सस्ता बनाता है, जो कीमतों में बड़ी उछाल को रोकता है।

चांदी पर दबाव, जानें क्या है कारण

सोने के विपरीत, चांदी बिकवाली के दबाव में रही। ऑल इंडिया सराफा एसोसिएशन के अनुसार, चांदी की कीमत ₹600 घटकर ₹2,24,700 प्रति किलोग्राम हो गई। सोना और चांदी की कीमतों में यह अंतर सामान्य है क्योंकि दोनों की भूमिका अलग है। सोना जहां एक सुरक्षित निवेश (safe-haven) और महंगाई के खिलाफ हेज माना जाता है, वहीं चांदी का औद्योगिक इस्तेमाल भी काफी होता है। इसलिए, औद्योगिक मांग में बदलाव या ट्रेडर्स की प्रॉफिट-बुकिंग चांदी की चाल को सोने से अलग कर सकती है।

मांग पर एक नज़र

अप्रैल-जून तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, भारत में सोने की मांग में 6% की गिरावट आई, जो कुल 131.4 टन रही। यह गिरावट मौसमी कमजोरी, आयात शुल्क में बढ़ोतरी और उपभोक्ताओं की सतर्कता के कारण देखी गई। हालांकि, वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन घरेलू बाजार अभी भी इन नीतिगत और आर्थिक दबावों से जूझ रहा है। आगे चलकर, निवेशकों को अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और बेरोजगारी के आंकड़े जैसे आर्थिक संकेतकों पर नज़र रखनी चाहिए। ये रिपोर्टें सोने और चांदी दोनों में अस्थिरता पैदा कर सकती हैं। इसके अलावा, भू-राजनीतिक घटनाएं, जैसे कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव, भी मध्यम अवधि में कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं, क्योंकि वैश्विक अनिश्चितता आमतौर पर निवेशकों को कीमती धातुओं की ओर ले जाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.