अक्टूबर में सोने की कीमतों में **7%** की गिरावट के बाद अब भाव लगभग **₹1.37 लाख** प्रति **10 ग्राम** पर आ गए हैं। इस राहत के चलते धनतेरस पर ज्वेलरी की बिक्री में **10-12%** की तेजी का अनुमान लगाया जा रहा है।
त्योहारी सीजन के करीब आते ही भारतीय ज्वेलरी मार्केट में एक नई रौनक देखने को मिल रही है। अक्टूबर के महीने में सुस्ती के बाद, मुंबई स्पॉट मार्केट में सोने की कीमतें अब ₹1.37 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास स्थिर हो गई हैं। हालिया ऊंचाई से 7% से अधिक की यह गिरावट कंज्यूमर सेंटीमेंट को बदलने के लिए मुख्य वजह बनी है, जिससे लंबे समय से चल रही खरीदारी की हिचकिचाहट खत्म हो गई है।
धनतेरस पर बढ़ेगी बिक्री
इंडस्ट्री बॉडीज का मानना है कि 6 नवंबर को होने वाले धनतेरस पर सेल्स वॉल्यूम में पिछले साल के मुकाबले 10-12% की बढ़त देखने को मिल सकती है। इसकी बड़ी वजह वह मांग है जो साल भर कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण रुकी हुई थी, खासकर उन परिवारों की तरफ से जो शादियों के लिए खरीदारी टाल रहे थे। वहीं, सिल्वर (चांदी) में भी बड़ी गिरावट आई है, अक्टूबर में इसके दाम 20% तक गिरे हैं, जिसने बजट के प्रति सचेत खरीदारों को भी आकर्षित किया है।
बदल रही है खरीदारी की पसंद
हालांकि सेल्स वॉल्यूम बढ़ रहा है, लेकिन अब खरीदारी का पैटर्न बदल रहा है। पारंपरिक 22-कैरेट इन्वेस्टमेंट पीस के बजाय, अब ग्राहक लाइटवेट डिजाइन और 18-कैरेट गोल्ड ज्वेलरी को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं। यह रणनीति खरीदारों को त्यौहार की परंपरा को बनाए रखने और बजट को मैनेज करने में मदद करती है। रिटेलर्स भी इस ट्रेंड को सपोर्ट करने के लिए प्राइस-लॉकिंग स्कीम और एडवांस बुकिंग ऑफर्स का सहारा ले रहे हैं।
मार्केट का गणित और डिजिटल गोल्ड
निवेशकों के लिए इस ट्रेंड के फाइनेंशियल मायने भी हैं। हालांकि बिक्री बढ़ना ज्वेलर्स के लिए शुभ संकेत है, लेकिन कम कैरेट और लाइटवेट ज्वेलरी की ओर शिफ्ट होने से प्रति ग्राहक टिकट साइज पर असर पड़ सकता है। इन्वेंट्री मैनेज करना अब दुकानदारों के लिए बड़ी चुनौती होगी। इसके अलावा, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) भी रफ्तार पकड़ रहे हैं, जिसका ट्रेडेड वैल्यू ₹93 करोड़ को पार कर गया है। आने वाले समय में इन्फ्लेशन और ग्लोबल कंडीशन्स यह तय करेंगी कि त्यौहारों के बाद भी यह डिमांड बरकरार रहती है या नहीं।
