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ईरान के टेंशन और फेड के डर से गिरे Gold-Mining Stocks! Hindustan Zinc, Vedanta पर दबाव

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AuthorMehul Desai|Published at:
ईरान के टेंशन और फेड के डर से गिरे Gold-Mining Stocks! Hindustan Zinc, Vedanta पर दबाव
Overview

ईरान में बढ़ते तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होने के कारण घरेलू शेयर बाजार में माइनिंग स्टॉक्स पर भारी दबाव देखा गया। Hindustan Zinc और Vedanta के शेयरों में गिरावट आई, वहीं प्रीशियस मेटल्स ईटीएफ (ETFs) भी **4%** तक लुढ़क गए।

जियोपॉलिटिकल टेंशन से तेल में उबाल, सोने में गिरावट

ईरान में संभावित हमलों की आशंकाओं के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमतें 6% से ज्यादा उछल गईं। वहीं, दूसरी ओर प्रीशियस मेटल्स ईटीएफ (ETFs) में 4% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) और सिल्वर (Silver) भी अपने हालिया ऊंचाई से नीचे आ गए। गोल्ड फ्यूचर्स 2.5% गिरे, जबकि स्पॉट गोल्ड 2% लुढ़ककर $4,664.39 an ounce पर बंद हुआ। यह गिरावट चार दिनों की तेजी के बाद आई।

मेटल कीमतों के असर से माइनिंग स्टॉक्स पर चोट

इस गिरावट का सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ा जो सिल्वर पर निर्भर हैं। भारत की सबसे बड़ी सिल्वर प्रोड्यूसर Hindustan Zinc के शेयरों में 3% से ज्यादा की गिरावट आई और यह ₹506.9 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। इसकी प्रमोटर कंपनी Vedanta के शेयर भी 2% तक फिसल गए। Hindustan Zinc का P/E रेश्यो करीब 25x है और मार्केट कैप लगभग ₹40,000 करोड़ है, जो इसकी मार्केट स्ट्रेंथ दिखाता है। वहीं, Vedanta का P/E रेश्यो करीब 10x और मार्केट कैप लगभग ₹35,000 करोड़ है। तुलनात्मक रूप से, आयरन ओर पर फोकस करने वाली NMDC का P/E रेश्यो करीब 15x है।

डॉलर का मजबूत होना और फेड रेट कट पर संदेह, सोने पर भारी

बाजार की प्रतिक्रिया जियोपॉलिटिकल खबरों पर सामान्य सोने के 'सेफ-हेवन' (Safe-haven) रुख से अलग थी। राष्ट्रपति ट्रम्प के बयानों के बाद 10-year US Treasury Yield में तेजी आई और डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) मजबूत हुआ। ऊंची ब्याज दरें सोने जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट्स (Non-yielding assets) को रखने की लागत बढ़ा देती हैं, जिससे वे कम आकर्षक हो जाते हैं। यह दिखाता है कि निवेशक फिलहाल जियोपॉलिटिकल रिस्क से बचाव (Hedging) की बजाय फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) द्वारा ब्याज दरें घटाने में आ रहे संदेह को ज्यादा अहमियत दे रहे हैं।

कंपनी की कमजोरियां भी आईं सामने

Hindustan Zinc लगातार कमोडिटी प्राइस की उठापटक और ग्लोबल जिंक व सिल्वर की डिमांड पर निर्भर है। Vedanta पर उसके विभिन्न ऑपरेशंस का भारी डेट (Debt) है, जो बढ़ती ब्याज दरों और अस्थिर कमोडिटी कीमतों के बीच एक कमजोरी है। वेदांता की फाइनेंसियल स्ट्रक्चर NMDC जैसे कम लीवरेज्ड साथियों की तुलना में गिरावट के दौरान ज्यादा जोखिम भरा है। एनालिस्ट्स का Hindustan Zinc और Vedanta के लिए रुख मिला-जुला है, 'होल्ड' रेटिंग के साथ प्राइस टारगेट करीब ₹520-540 (HZ) और ₹400-480 (VEDL) का है।

माइनिंग स्टॉक्स के अगले कदम पर एनालिस्ट्स की नजर

Hindustan Zinc और Vedanta का भविष्य काफी हद तक ग्लोबल कमोडिटी प्राइसेज और सेंट्रल बैंक के फैसलों पर निर्भर करेगा। कंपनी का परफॉरमेंस तो मायने रखता है, लेकिन मैक्रोइकॉनॉमिक फैक्टर्स जैसे जियोपॉलिटिकल घटनाएं और ब्याज दरें मुख्य प्रभावक बनी रहेंगी। एनालिस्ट्स इन्फ्लेशन (Inflation), इकोनॉमिक ग्रोथ (Economic growth) और जियोपॉलिटिकल डी-एस्केलेशन पर नजर रखे हुए हैं।

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