US Federal Reserve की आगामी पॉलिसी मीटिंग से पहले सोने की कीमतें **$4,300** प्रति औंस के आसपास स्थिर हैं। मार्केट में **25 बेसिस पॉइंट्स** की दर वृद्धि की उम्मीद है, जिससे निवेशकों की नजरें अब सेंट्रल बैंक की भविष्य की गाइडेंस पर टिकी हैं।
ग्लोबल मार्केट्स में इस समय काफी सावधानी का माहौल है। 16 सितंबर, 2026 को आने वाले US Federal Reserve के फैसले से पहले सोना एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे रेट 3.75% से 4.00% की रेंज में पहुंच जाएंगे।
गोल्ड पर ब्याज दरों का असर
निवेशकों के लिए मुख्य चिंता 'अपॉर्चुनिटी कॉस्ट' की है। सोना कोई डिविडेंड या ब्याज नहीं देता है, इसलिए जब US Treasury बॉन्ड्स की यील्ड बढ़ती है, तो निवेशक बॉन्ड्स की ओर रुख करने लगते हैं। फेड चेयर केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के बयान पर सबकी नजर है—क्या बैंक महंगाई से निपटने के लिए और सख्ती दिखाएगा या अपना रुख थोड़ा नरम करेगा?
मार्केट का रिस्क और वोलेटिलिटी
मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव सोने के लिए चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि सोना 'सेफ-हेवन' माना जाता है, लेकिन डॉलर की मजबूती इसके लिए एक बड़ी बाधा है। बाकी धातुओं की बात करें तो सिल्वर में हल्की मजबूती दिखी है, जबकि प्लेटिनम पर दबाव बना हुआ है। अब निवेशक फेड की उस बारीक भाषा पर नजर गड़ाए हुए हैं जो तय करेगी कि सोने में आगे तेजी आएगी या गिरावट।
