Gold Price: अमेरिकी जॉब डेटा से पहले सुस्त पड़ी सोने की चाल, जानें क्या है सपोर्ट लेवल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Gold Price: अमेरिकी जॉब डेटा से पहले सुस्त पड़ी सोने की चाल, जानें क्या है सपोर्ट लेवल

सोने के भाव फिलहाल सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं क्योंकि निवेशक अमेरिका की नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यह डेटा फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर भविष्य की रणनीति तय करने में अहम होगा, जिससे मार्केट में आज सतर्कता बनी हुई है।

सोना इस समय $4,475.75 प्रति औंस के आसपास संभलकर ट्रेड कर रहा है। निवेशकों की निगाहें पूरी तरह से आने वाले अमेरिकी जॉब डेटा पर टिकी हैं। यह डेटा तय करेगा कि फेडरल रिजर्व आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाता है।

पिछले उछाल का कनेक्शन

हालिया स्टेबिलिटी से पहले गुरुवार को सोने की कीमतों में 2% का बड़ा उछाल देखा गया था। इसकी मुख्य वजह फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर का बयान था, जिसमें उन्होंने संकेत दिए थे कि अगर महंगाई कम होती रही तो ब्याज दरों को स्थिर रखा जा सकता है। अब बाजार इस बात की पुष्टि लेबर मार्केट के आंकड़ों से करना चाहता है।

क्यों अहम है जॉब डेटा?

गोल्ड निवेशकों के लिए ब्याज दरें सबसे बड़ा फैक्टर हैं। जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो बॉन्ड और डिपॉजिट अधिक आकर्षक हो जाते हैं, जिससे सोने की डिमांड कम हो सकती है। फिलहाल बाजार में इस महीने ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 50% के करीब है।

यदि जॉब रिपोर्ट बहुत मजबूत आती है, तो यह अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाएगा, जिससे फेडरल रिजर्व और अधिक सख्त रुख अपना सकता है। इसके विपरीत, यदि आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे, तो रेट हाइक की आशंका कम होगी, जो सोने की कीमतों को ऊपर ले जा सकता है।

भू-राजनीतिक तनाव का असर

ब्याज दरों के अलावा, मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते भी सोने को 'सेफ हैवन' (Safe Haven) के तौर पर सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, डॉलर की मजबूती फिलहाल सोने के लिए एक बाधा बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि पेरोल डेटा के आंकड़े बाजार की उम्मीदों के मुकाबले कैसे रहते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.