Gold Price Today: ₹1.61 लाख पार हुआ सोना, डॉलर की कमजोरी और बढ़ी महंगाई का डर

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AuthorAditya Rao|Published at:
Gold Price Today: ₹1.61 लाख पार हुआ सोना, डॉलर की कमजोरी और बढ़ी महंगाई का डर
Overview

दिल्ली में सोने का भाव **₹1,61,450** प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और ट्रेजरी यील्ड (Treasury Yield) में गिरावट ने सोने को सहारा दिया है। हालांकि, घरेलू मांग कीमतों के प्रति संवेदनशील बनी हुई है, लेकिन भू-राजनीतिक जोखिमों के बीच सुरक्षित निवेश (Flight to Safety) के तौर पर सोने की मांग बढ़ी है। चांदी की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है।

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क्यों मजबूत हुआ सोना?

सोने की कीमतों में आई यह तेजी, असल में फिजिकल खरीदारी के बजाय करेंसी मार्केट की अस्थिरता का नतीजा है। भारतीय रुपये पर लगातार दबाव बना हुआ है, जिससे इंपोर्ट (Import) किए गए सोने की लागत बढ़ जाती है। इसी वजह से इंटरनेशनल मार्केट में कीमतें चाहे जो भी हों, घरेलू बाजार में सोना महंगा हो रहा है। यह स्थिति सोने को डोमेस्टिक करेंसी (Domestic Currency) की घटती वैल्यू के खिलाफ एक बचाव (Hedge) बना रही है।

मार्केट की चाल पर एक्सपर्ट्स की नजर

इस तिमाही की शुरुआत में आई नरमी के बाद, अब सोने की कीमतों में फिर से तेजी देखी जा रही है। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में नरमी से महंगाई पर कुछ राहत मिली है, लेकिन एक्सपर्ट्स अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury Yield) और सोने की मांग के बीच के संबंध पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। पहले जब भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ता था, तब सोना चलता था। लेकिन इस बार, यह तेजी टेक्निकल स्ट्रेंथ (Technical Strength) दिखा रही है, और संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) अमेरिका की ब्याज दरों (Interest Rates) में संभावित बदलावों से बचाव के लिए हेजिंग (Hedging) कर रहे हैं। वहीं, चांदी में भी जोरदार तेजी देखी जा रही है, जो सोने के साथ ओवरआल प्रीशियस मेटल्स (Precious Metals) की बढ़त को दिखाती है।

क्या है असली चिंता?

महज ₹1,61,450 प्रति 10 ग्राम के लेवल पर, घरेलू मांग में भारी गिरावट आने का खतरा है। इतनी ऊंची कीमतों पर ज्वैलरी स्टोर में ग्राहकों की भीड़ कम हो जाती है और सेकेंडरी मार्केट (Secondary Market) की लिक्विडिटी (Liquidity) भी घट जाती है। इसके अलावा, सिर्फ रुपये की कमजोरी पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। अगर सेंट्रल बैंक (Central Bank) रुपये को स्थिर करने के लिए कदम उठाता है, तो कीमतें तेजी से नीचे आ सकती हैं। वहीं, चांदी की कीमतों में अचानक आई तेजी के बाद इसमें भी करेक्शन (Correction) का जोखिम है, क्योंकि इंडस्ट्रियल डिमांड (Industrial Demand) अभी भी कमजोर बनी हुई है।

आगे क्या?

मार्केट की नजर फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के अगले कदमों पर है। अगर अमेरिका से महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा आते हैं, तो ट्रेजरी यील्ड (Treasury Yield) का सपोर्ट खत्म हो सकता है और सोने में बिकवाली (Selling) शुरू हो सकती है। इसके विपरीत, अगर ग्लोबल ग्रोथ (Global Growth) को लेकर चिंताएं बढ़ती हैं, तो सोना अपनी मौजूदा तेजी बनाए रख सकता है। निवेशक सेंट्रल बैंकों की सोने की खरीदारी पर भी नजर रख रहे हैं, क्योंकि यह कीमतों को सपोर्ट देने में अहम भूमिका निभा सकती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.