सोने की कीमतें **₹1.46 लाख** प्रति 10 ग्राम तक पहुँच गई हैं, जिससे त्योहारी सीजन में फिजिकल डिमांड पर असर पड़ा है। हालांकि रिटेलर्स की कमाई स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन वॉल्यूम ग्रोथ में **10-15%** की गिरावट संभव है क्योंकि ग्राहक अब एक्सचेंज स्कीम्स और हल्के वजन वाले गहनों को तरजीह दे रहे हैं।
भारतीय ज्वेलरी बाजार अब त्योहारी और शादियों के सीजन की ओर बढ़ रहा है। सोने की कीमतें इस समय ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू गई हैं, जो पिछले साल के पीक लेवल से 9% अधिक है। इस तेजी ने आम ग्राहकों की खरीदारी की क्षमता को बड़ी चुनौती दी है।
वॉल्यूम और डिमांड में बदलाव
इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल बिक्री की कुल वैल्यू तो बढ़ सकती है लेकिन फिजिकल वॉल्यूम में 10-15% की कमी आने का अनुमान है। ग्राहक काफी सतर्क होकर खरीदारी कर रहे हैं।
एक्सचेंज स्कीम्स और बदलती रणनीति
दुकानों में भीड़ बनाए रखने के लिए रिटेलर्स 'गोल्ड एक्सचेंज स्कीम्स' का सहारा ले रहे हैं। पुराने सोने को बदलकर नए गहने खरीदने की प्रक्रिया में 15-20% का उछाल देखा गया है। इसके अलावा, ग्राहक अब भारी गहनों के बजाय हल्के और मॉड्यूलर डिजाइन्स को पसंद कर रहे हैं। रिटेलर्स भी सेल्स वॉल्यूम को बनाए रखने के लिए 'मेकिंग चार्जेस' (Making Charges) में कटौती कर रहे हैं, जो सीधे तौर पर प्रॉफिट मार्जिन के लिए रिस्क पैदा कर सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
निवेशकों को अब Titan, Kalyan Jewellers और Senco Gold जैसी कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर रखनी होगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनियां वॉल्यूम बनाए रखने के लिए अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती हैं। यदि कीमतें इसी स्तर पर बनी रहीं, तो ग्रामीण बाजारों में मांग सीमित हो सकती है। दिसंबर तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट्स ही यह स्पष्ट करेंगे कि वॉल्यूम की इस गिरावट का कंपनियों के मुनाफे पर कितना गहरा असर पड़ा है।
