कमजोर अमेरिकी डॉलर और गिरते कच्चे तेल के भावों के बीच सोने की कीमतें अक्टूबर की शुरुआत के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। सोमवार को सोना **0.3%** उछलकर **$4,206.01** प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।
सोने की कीमतों में सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार में अच्छी बढ़त देखी गई। स्पॉट गोल्ड 0.3% चढ़कर $4,206.01 प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि दिसंबर डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.3% की बढ़त के साथ $4,230.40 प्रति औंस पर ट्रेड करते दिखे।\n\n### तेजी के मुख्य कारण\nइस बढ़त के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो अन्य करेंसी का उपयोग करने वाले अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ जाती है। साथ ही, रूस और यूक्रेन के बीच ऊर्जा युद्धविराम की खबरों से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में नरमी आई है, जिसने महंगाई की चिंता को कुछ कम किया है।\n\n### निवेशकों के लिए संकेत\nनिवेशकों के लिए सोना हमेशा से अनिश्चितता के दौर में एक सुरक्षित निवेश (Hedge) माना जाता है। फिलहाल बाजार की नजरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मॉनेटरी पॉलिसी पर टिकी हैं। चूंकि सोना कोई ब्याज नहीं देता है, इसलिए अगर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड मजबूत होती है, तो सोने की चमक थोड़ी फीकी पड़ सकती है।\n\nबाजार के जानकारों का मानना है कि इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी इन्फ्लेशन डेटा इस तेजी की दिशा तय करेंगे। अगर डेटा उम्मीद से अलग आता है, तो सोने के मौजूदा भावों में प्रॉफिट बुकिंग देखने को मिल सकती है।
