US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और बढ़ती महंगाई के डर से Gold की चमक फीकी पड़ गई है। सोने के भाव गिरकर **$4,125** प्रति औंस के करीब पहुंच गए हैं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
सोने में इस हफ्ते 4% की गिरावट देखी गई है, जो इसे 7 हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर ले आई है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण US ट्रेजरी यील्ड का पिछले 2 दशकों में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचना है। चूंकि सोने पर कोई ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए सुरक्षित माने जाने वाले बॉन्ड्स में बेहतर रिटर्न मिलने के कारण निवेशक अपना पैसा सोने से निकाल रहे हैं।
महंगाई और फेडरल रिजर्व का रुख
होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे महंगाई के आंकड़े और अधिक 'स्टिकी' (Sticky) हो गए हैं। फेडरल रिजर्व पर अब ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने का दबाव है। अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावनाओं ने भी सोने की कीमतों पर भारी दबाव बनाया है।
फेड गवर्नर का क्या कहना है?
फेडरल रिजर्व की गवर्नर Lisa Cook ने स्पष्ट किया है कि भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) भविष्य में प्रोडक्टिविटी बढ़ाए, लेकिन वर्तमान में डेटा सेंटर्स के निर्माण और बिजली की बढ़ती मांग महंगाई के दबाव को बढ़ा रही है। यह स्थिति फेडरल रिजर्व के लिए ब्याज दरों में कटौती करने की राह मुश्किल बना रही है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी निगाहें पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) रिपोर्ट और नॉन-फार्म पेरोल डेटा पर टिकी हैं। अगर इकोनॉमी के आंकड़े मजबूत आते हैं, तो ब्याज दरें और ऊपर जाने की उम्मीद बढ़ेगी, जो आने वाले दिनों में सोने के लिए और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
