ग्लोबल मार्केट में सुस्ती के बावजूद भारत में सोने की मांग में जोरदार उछाल देखा गया है। MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स **₹1,53,431** प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जो घरेलू बाजार की मजबूती को दर्शाता है।
घरेलू मांग बनाम ग्लोबल सुस्ती
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अक्टूबर कॉन्ट्रैक्ट के लिए सोने की कीमतों में 0.68% की तेजी दर्ज की गई है। जहां एक ओर न्यूयॉर्क COMEX पर गोल्ड 0.89% गिरकर $4,420.49 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है, वहीं भारतीय बाजार पूरी तरह से विपरीत रुख अपनाए हुए है। यह 'डिकपलिंग' (Decoupling) साफ तौर पर दिखाती है कि फिलहाल भारतीय खरीदारों का उत्साह ग्लोबल सेंटिमेंट पर भारी पड़ रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
सोने के भाव फिलहाल 15% की इम्पोर्ट ड्यूटी के कारण भी ऊंचे बने हुए हैं। हालांकि, निवेशकों को कुछ अहम बातों पर नजर रखनी चाहिए:
- US Treasury Yields: अगर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़त जारी रहती है, तो ग्लोबल स्तर पर सोने पर दबाव बढ़ सकता है।
- फेडरल रिजर्व का रुख: ब्याज दरों को लेकर आने वाले संकेत सोने की चाल तय करेंगे।
- सरकारी अपील: सरकार द्वारा कम खरीदारी की अपील का असर लंबे समय में ज्वैलरी डिमांड पर दिख सकता है।
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस रैली की स्थिरता पूरी तरह से भारत की स्पॉट मार्केट डिमांड पर निर्भर करेगी। यदि ग्लोबल लेवल पर बड़ी गिरावट आती है, तो घरेलू कीमतों के लिए भी अपनी आजादी बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
