सोने के फ्यूचर में बड़ी गिरावट! ₹1.50 लाख के नीचे लुढ़का भाव, महंगाई और ब्याज दरों का डबल अटैक

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
सोने के फ्यूचर में बड़ी गिरावट! ₹1.50 लाख के नीचे लुढ़का भाव, महंगाई और ब्याज दरों का डबल अटैक
Overview

भारत के MCX पर Gold Futures की कीमतें **₹1.50 लाख** प्रति 10 ग्राम के नीचे आ गई हैं, जो वैश्विक कमजोरी को दर्शा रहा है। भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) के कारण तेल की कीमतें और महंगाई (inflation) बढ़ रही है, और केंद्रीय बैंक (central banks) लगातार ऊंची ब्याज दरों (interest rates) का संकेत दे रहे हैं। ऐसे में, जो सोना ब्याज नहीं देता, वह कम आकर्षक हो रहा है, और इसकी सेफ-हेवन (safe-haven) स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।

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MCX पर सोने की कीमतों में आई भारी गिरावट

भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर Gold Futures की कीमतें 29 अप्रैल 2026 तक ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे फिसल गई हैं। यह गिरावट वैश्विक बाजारों में आई कमजोरी का संकेत दे रही है। हाजिर सोना (spot gold) भी करीब एक महीने के निचले स्तर $4,590 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। हालांकि, MCX गोल्ड मई फ्यूचर में थोड़ी तेजी देखी गई और यह लगभग ₹1,48,649 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का सेंटिमेंट दबाव में बना हुआ है।

चांदी (Silver) ने कुछ अधिक मजबूती दिखाई है। MCX सिल्वर मई फ्यूचर में मामूली बढ़त के साथ यह लगभग ₹2,38,578 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था, और हाजिर चांदी $73.48 प्रति औंस के करीब हल्की बढ़त पर थी।

महंगाई की मार से सोने की चमक फीकी

पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल (crude oil) की कीमतों में उछाल आया है, जो महंगाई (inflation) की चिंताओं को बढ़ा रहा है। ऐसे में, सोना, जो कोई ब्याज नहीं देता, कम आकर्षक हो जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी डॉलर (U.S. dollar) का मजबूत होना और तेल की बढ़ती कीमतें सोने की हालिया गिरावट में अहम भूमिका निभा रही हैं। विश्व बैंक (World Bank) के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव सेफ-हेवन (safe-haven) निवेश को प्रभावित कर सकता है, जबकि केंद्रीय बैंकों द्वारा की जाने वाली सोने की खरीद में कमी से कीमती धातुओं को मिलने वाला समर्थन घट सकता है।

केंद्रीय बैंकों के ऊंचे ब्याज दर के संकेत

केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों (interest rates) को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने की संभावना सोने की पारंपरिक सेफ-हेवन (safe-haven) संपत्ति की भूमिका को चुनौती दे रही है। बाजार की नजरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व (U.S. Federal Reserve), यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) और बैंक ऑफ इंग्लैंड (Bank of England) के नीतिगत फैसलों पर टिकी हैं। हालांकि फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों में कोई बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन अध्यक्ष जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) की महंगाई और ईरान संघर्ष पर टिप्पणियों पर खास ध्यान रहेगा। यूरोपीय सेंट्रल बैंक ऊर्जा जोखिमों के दबाव का सामना कर रहा है, और धीमी आर्थिक वृद्धि के बावजूद महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। बैंक ऑफ जापान (Bank of Japan) ने अपनी दरों को स्थिर रखा है, लेकिन आगे चलकर सख्त मौद्रिक नीति अपनाने का संकेत दिया है। यह वैश्विक प्रवृत्ति सोने के बाजार में प्रतिक्रिया करने के तरीके को बदल रही है, जिससे सोना अब शुद्ध सेफ-हेवन के बजाय ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील संपत्ति की तरह कारोबार कर रहा है।

तकनीकी स्तर और भविष्य का अनुमान

सोने का तकनीकी (technical) परिदृश्य कमजोर हो रहा है, क्योंकि कीमतें महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल (support levels) को तोड़ रही हैं। रिपोर्टों के अनुसार, सोना $4,650 प्रति औंस से नीचे गिर गया है, और इसके $4,550 तक नीचे जाने का अनुमान है। चांदी $73 प्रति औंस से नीचे गिरने के करीब पहुंच रही है।

अन्य कीमती धातुओं (precious metals) में मिश्रित प्रदर्शन दिख रहा है: प्लैटिनम (platinum) 29 अप्रैल 2026 को $1,946.60 पर कारोबार कर रहा था, जो एक दिन में 0.62% की गिरावट है, हालांकि इसने साल भर में मजबूत बढ़त दिखाई है। पैलेडियम (Palladium) 1.22% गिरकर $1,452 पर आ गया, जो डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी यील्ड (Treasury yields) में वृद्धि से प्रभावित हुआ।

वर्तमान चुनौतियों के बावजूद, कुछ विश्लेषक लंबी अवधि (long-term) को लेकर आशावादी बने हुए हैं। जेपी मॉर्गन ग्लोबल रिसर्च (JPMorgan Global Research) का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमतें $5,000/औंस तक पहुंच सकती हैं, और लंबी अवधि में $6,000/औंस को भी छू सकती हैं। निवेशकों और केंद्रीय बैंकों की निरंतर मांग इसे समर्थन दे सकती है। 2026 की पहली तिमाही (Q1 2026) में ईटीएफ (ETFs) में 62 टन का प्रवाह देखा गया, जो ज्यादातर एशिया से था, जबकि मार्च में पश्चिमी बाजारों से कुछ निकासी (outflows) हुई। चिंताएं बनी हुई हैं कि केंद्रीय बैंकों की धीमी खरीद और आर्थिक अनिश्चितता चांदी को नुकसान पहुंचा सकती है, क्योंकि इसका औद्योगिक उपयोग भी है। GLD (0.40%) जैसे ईटीएफ पर IAU (0.25%) की तुलना में अधिक व्यय अनुपात (expense ratios) खुदरा निवेशकों (retail investors) के लिए कम प्रदर्शन का कारण बन सकता है।

सोने की सेफ-हेवन स्थिति का परीक्षण

बाजार की भावना (market sentiment) एक बदलाव का संकेत दे रही है, जहां सोने के पारंपरिक सेफ-हेवन आकर्षण का परीक्षण किया जा रहा है। लगातार भू-राजनीतिक अस्थिरता ऊंची ऊर्जा कीमतों से जुड़ी महंगाई से जुड़ी हुई है। यह केंद्रीय बैंकों को महंगाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर करता है, जिसका अर्थ है ऊंची दरें। परिणामस्वरूप, सोना एक मजबूत डॉलर और ब्याज देने वाली संपत्तियों से दबाव का सामना कर रहा है, जिससे यह दर परिवर्तनों के प्रति अधिक संवेदनशील हो गया है। महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल्स को तोड़ना आगे और गिरावट का संकेत देता है, यदि वर्तमान आर्थिक स्थितियां बनी रहती हैं। चांदी का औद्योगिक उपयोग इसे आर्थिक अनिश्चितता के कारण विकास धीमा होने पर कीमतों में गिरावट के प्रति संवेदनशील बनाता है। हालांकि केंद्रीय बैंकों की खरीद और निवेशकों की मांग समर्थन प्रदान करती है, भू-राजनीतिक जोखिमों और सख्त मौद्रिक नीति के बीच संतुलन के कारण निकट भविष्य अनिश्चित है।

सोने की कीमतों का भविष्य

सोना और चांदी की कीमतें वैश्विक आर्थिक खबरों, विशेष रूप से अमेरिकी जीडीपी (U.S. GDP) और महंगाई के आंकड़ों, और केंद्रीय बैंक के फैसलों के प्रति संवेदनशील बनी रहेंगी। हालांकि जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि 2026 तक सोने की कीमतें बढ़कर $5,000/औंस तक पहुंच जाएंगी, निकट अवधि का परिदृश्य फेडरल रिजर्व की नीतिगत रुख और मध्य पूर्व संघर्षों पर निर्भर करेगा। विश्लेषकों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे ये कारक सामने आएंगे, बाजार में अस्थिरता (volatility) बनी रहेगी, क्योंकि सोने का रास्ता उसके पारंपरिक सेफ-हेवन (safe-haven) की भूमिका से अलग हो सकता है।

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