9 जुलाई 2026 को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने के भाव में ₹350 की गिरावट आई और यह ₹1,48,100 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी की कीमत में ₹7,800 प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट दर्ज की गई। घरेलू बाजार में यह गिरावट रुपये में आई मजबूती के कारण हुई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमती धातुओं में तेजी देखी गई।
क्यों गिरे सोने-चांदी के दाम?
दिल्ली के सर्राफा बाजार में गुरुवार को कीमती धातुओं के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सोना ₹350 सस्ता होकर ₹1,48,100 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। यह लगातार चौथा दिन है जब सोने के दाम गिरे हैं। चांदी की कीमत में तो और भी तेज गिरावट आई, जो ₹7,800 लुढ़क कर ₹2,32,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। वहीं, पिछले कारोबारी दिन चांदी ₹2,39,800 प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है हाल?
खास बात यह है कि घरेलू बाजार में गिरावट के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं में तेजी देखने को मिली। वैश्विक स्तर पर स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग 1% बढ़कर $4,104.75 प्रति औंस हो गई। वहीं, चांदी भी 1% से अधिक चढ़कर $58.96 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
रुपये का खेल और सुस्त मांग
घरेलू बाजार में कीमतों में गिरावट की मुख्य वजह भारतीय रुपये का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होना है। जब रुपया मजबूत होता है, तो भारत में सोना और चांदी का आयात सस्ता हो जाता है, जिससे स्थानीय कीमतें गिर सकती हैं, भले ही वैश्विक कीमतें बढ़ रही हों। इसके अलावा, ट्रेडर्स के मुताबिक, स्थानीय मांग में भी सुस्ती देखी गई, जिससे कीमतों को सहारा नहीं मिला।
आगे क्या हो सकता है?
घरेलू बाजार जहां करेंसी और स्थानीय मांग से प्रभावित है, वहीं वैश्विक स्तर पर भी आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक स्थितियों पर नजर रखी जा रही है। ट्रेडर्स की नजर अमेरिकी मौजूदा गृह बिक्री (U.S. existing home sales) की रिपोर्ट पर है, जिससे फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों की नीतियों का अंदाजा लग सकता है।
इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को फिलहाल नियंत्रित माना जा रहा है। डॉलर और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड्स में स्थिरता भी अहम है, क्योंकि सोना अक्सर इन संपत्तियों के साथ प्रतिस्पर्धा करता है। आगे चलकर रुपये की मजबूती, उपभोक्ता मांग और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे।
