Gold Price: सोने की चमक फीकी, ₹1.5 लाख के नीचे फिसले दाम

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AuthorAditya Rao|Published at:
Gold Price: सोने की चमक फीकी, ₹1.5 लाख के नीचे फिसले दाम

ग्लोबल मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता और US Fed की सख्त नीतियों के चलते सोने की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है। गोल्ड अब ₹150,000 के अहम लेवल को तोड़कर ₹148,300 के आसपास कारोबार कर रहा है।

बाजार पर दबाव क्यों?

हाल ही में सोना अपने पीक लेवल ₹162,000 के आसपास था, लेकिन वहां से लगातार आ रही गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस गिरावट की मुख्य वजह US Federal Reserve का आक्रामक रुख है। जब अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की उम्मीद होती है, तो Treasury Yields ऊपर चली जाती हैं। चूंकि सोने पर कोई डिविडेंड या ब्याज नहीं मिलता, इसलिए निवेशक अपना पैसा बॉन्ड्स में शिफ्ट करने लगे हैं। बाजार का मानना है कि अक्टूबर में दरों में बढ़ोतरी की 65% संभावना है, जो सोने की कीमतों पर भारी पड़ रही है।

जियोपॉलिटिकल टेंशन और गोल्ड

आमतौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो सोना एक 'सेफ-हेवन' माना जाता है। लेकिन इस बार स्थितियां कुछ अलग हैं। Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव के कारण Brent Crude के दाम ऊंचे बने हुए हैं, लेकिन मार्केट फिलहाल भू-राजनीतिक जोखिमों के बजाय ब्याज दरों के ट्रेंड को ज्यादा अहमियत दे रहा है।

टेक्निकल चार्ट और आगे का रास्ता

फिलहाल सोना ₹148,000 से ₹148,500 के सपोर्ट जोन पर टिका हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है, तो कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है। जानकारों के अनुसार, ₹145,000 और ₹142,000 के लेवल्स पर नजर रखना जरूरी होगा। निवेशकों को सलाह है कि वे US सेंट्रल बैंक के अधिकारियों के बयानों और US इन्फ्लेशन डेटा पर पैनी नजर रखें, क्योंकि यही फैक्टर आगे चलकर सोने की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.