कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई का डर बढ़ गया है, जिससे सोने की चमक फीकी पड़ गई है। 6 नवंबर, 2026 को स्पॉट गोल्ड **$4,063.39** प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।
महंगाई का दबाव और सोने की चाल
जैसे-जैसे एनर्जी की कीमतें ऊपर जा रही हैं, बाजार में महंगाई को लेकर चिंताएं गहराने लगी हैं। इसका सीधा असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर पड़ता है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो सोने जैसे बिना यील्ड (non-yielding) वाले एसेट का आकर्षण कम हो जाता है, क्योंकि निवेशक बॉन्ड जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं।
फेडरल रिजर्व की नजर और जॉब्स डेटा
अभी बाजार की नजरें अमेरिकी 'नॉन-फार्म पेरोल्स' रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह डेटा तय करेगा कि दिसंबर में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाएगा। मार्केट टूल्स के मुताबिक, दिसंबर में रेट हाइक की संभावना 66% से 80% के बीच बनी हुई है, जो इस डेटा के आने के बाद और साफ हो जाएगी।
Goldman Sachs का बदला नजरिया
बदलते मैक्रोइकॉनॉमिक संकेतों को देखते हुए ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Goldman Sachs ने सोने के लिए अपने साल 2026 के अंत तक के अनुमान को घटा दिया है। अब उन्होंने टारगेट प्राइस $4,650 से घटाकर $4,150 प्रति औंस कर दिया है।
अन्य प्रीशियस मेटल्स की स्थिति
शुक्रवार के सत्र में अन्य मेटल्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा:
- Silver: 0.3% की बढ़त के साथ $51.91 प्रति औंस।
- Platinum: 0.4% चढ़कर $1,523.63 प्रति औंस।
- Palladium: 0.2% की गिरावट के साथ $1,029.22 प्रति औंस।
अब निवेशकों की निगाहें केवल अमेरिकी एंप्लॉयमेंट रिपोर्ट पर हैं, क्योंकि किसी भी बड़े उलटफेर से सोने और एनर्जी प्राइसेज में और ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
