Gold ETFs: लगातार 9वें हफ्ते सोने की चमक बरकरार, निवेश में आया बड़ा उछाल

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AuthorNeha Patil|Published at:
Gold ETFs: लगातार 9वें हफ्ते सोने की चमक बरकरार, निवेश में आया बड़ा उछाल

ग्लोबल Gold ETFs में निवेशकों का भरोसा कम नहीं हो रहा है। 18 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में इसमें **$4.24 बिलियन** का निवेश आया है, जो लगातार 9वें हफ्ते की तेजी है।

दुनिया भर के निवेशक गोल्ड को लेकर काफी उत्साहित हैं, यही वजह है कि ग्लोबल गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में लगातार 9वें हफ्ते भी निवेश का सिलसिला जारी रहा। 18 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में इन फंड्स ने $4.24 बिलियन का नेट इन्वेस्टमेंट हासिल किया है। यह डेटा साफ संकेत देता है कि उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोने को एक मजबूत सुरक्षा कवच के तौर पर देख रहे हैं।

ग्लोबल मार्केट का हाल

इस खरीदारी की अगुवाई अमेरिका ने की, जिसने कुल इनफ्लो में $2.21 बिलियन का योगदान दिया। इसके साथ ही अमेरिका का साल-दर-तारीख (YTD) आंकड़ा $4.36 बिलियन के पॉजिटिव स्तर पर पहुंच गया है। ब्रिटेन से $628.5 मिलियन और चीन से $606.7 मिलियन का निवेश आया। वहीं, फ्रांस और जर्मनी भी पीछे नहीं रहे, जहां क्रमशः $353.6 मिलियन और $112.3 मिलियन का इनफ्लो दर्ज किया गया।

भारतीय निवेशकों का रुझान

घरेलू स्तर पर भी सोने के प्रति दीवानगी कम नहीं है। अगस्त के महीने में भारतीय गोल्ड ETFs में 67% का जबरदस्त उछाल आया और निवेश ₹2,600 करोड़ तक पहुंच गया। इसके अलावा, भारत में डिजिटल गोल्ड का क्रेज भी खूब है, जिसमें हर महीने लगभग ₹25 बिलियन का निवेश किया जा रहा है, जो यह बताता है कि भारतीय निवेशक लंबी अवधि के लिए सोने को जमा करने में यकीन रखते हैं।

कीमतों पर दबाव के कारण

फिलहाल सोना $4,363 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो पिछले महीने की तुलना में 6% से ज्यादा नीचे है। सोना अक्सर मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड्स के दबाव में रहता है। चूंकि सोने से कोई ब्याज (Interest) नहीं मिलता, इसलिए बढ़ती बॉन्ड यील्ड्स निवेशकों को डेट इंस्ट्रूमेंट्स की ओर आकर्षित करती हैं।

हालांकि, अनिश्चितता के दौर में सोना हमेशा 'सेफ-हेवन' एसेट बना रहता है। महंगाई की चिंता या जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच निवेशक सोने को पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाना पसंद करते हैं।

आगे क्या रहेगा अहम?

आने वाले कुछ हफ्ते गोल्ड मार्केट के लिए महत्वपूर्ण हैं। निवेशकों को ग्लोबल सेंट्रल बैंकों की ब्याज दर नीतियों और अमेरिकी डॉलर की चाल पर नजर रखनी चाहिए। यदि बॉन्ड यील्ड्स में स्थिरता आती है, तो सोने की कीमतों को सहारा मिल सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.