गोल्ड ETFs (Gold ETFs) में लगातार 12वें हफ्ते निवेशकों का भरोसा बरकरार है। हालांकि अमेरिका में बिकवाली का दबाव है, लेकिन चीन और यूरोप के खरीदारों ने बाजार को थामे रखा है। मार्केट में **$2.08 बिलियन** का इनफ्लो दर्ज किया गया है।
बाजार में क्या चल रहा है?
गोल्ड ETFs में निवेश का सिलसिला जारी है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, $2.08 बिलियन का नया निवेश आया है, जबकि रिडेम्पशन (Redemption) का आंकड़ा $1.46 बिलियन रहा। गौर करने वाली बात यह है कि दुनिया भर के बाजारों में सोने को लेकर राय बंटी हुई है। जहां एक तरफ अमेरिका में निवेशक अपना मुनाफावसूली कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चीन और यूरोप जैसे बाजारों में सोने को जमा करने की होड़ मची है।
क्यों बेच रहे हैं अमेरिकी निवेशक?
अमेरिका में बिकवाली की मुख्य वजह वहां की मजबूत इकोनॉमी है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड (US Treasury Yields) और डॉलर इंडेक्स की मजबूती ने सोने जैसे नॉन-यील्डिंग एसेट के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। निवेशकों को लगता है कि जब बॉन्ड्स पर बेहतर ब्याज मिल रहा है, तो बिना ब्याज वाले सोने को होल्ड करना महंगा पड़ रहा है।
सेंट्रल बैंक बने सहारा
बाजार में गिरावट को रोकने का काम सेंट्रल बैंक्स कर रहे हैं। पीपल्स बैंक ऑफ चाइना (People’s Bank of China) ने लगातार 23वें महीने सोने की खरीद जारी रखी है, जो मार्केट को एक मजबूत सपोर्ट देता है। सितंबर 2026 तक ग्लोबल गोल्ड ETF होल्डिंग्स रिकॉर्ड 4,256 टन के स्तर पर पहुंच गई हैं।
फिलहाल सोना $4,215 प्रति औंस के पास ट्रेड कर रहा है। आने वाले समय में निवेशकों की नजरें अमेरिकी इन्फ्लेशन डेटा और फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के इंटरेस्ट रेट फैसलों पर टिकी होंगी।
