एक साल से जारी है निवेश का ये दौर
Mirae Asset Investment Managers के ETF Product & Fund Manager, सिद्धार्थ श्रीवास्तव (Siddharth Srivastava) का कहना है कि Gold ETFs में निवेशकों की यह दिलचस्पी कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह ट्रेंड पिछले एक साल से लगातार बना हुआ है। श्रीवास्तव ने बताया, "पिछले बारह महीनों में गोल्ड ने करीब ₹64,000 करोड़ का इनफ्लो देखा है, जबकि सिल्वर में लगभग ₹32,000 करोड़ का निवेश आया है।"
ट्रेडिंग वॉल्यूम में भारी उछाल
सिर्फ लंबे समय के निवेश की बात ही नहीं है, बल्कि प्रीशियस मेटल्स (precious metals) सेगमेंट में ट्रेडिंग और शॉर्ट-टर्म पार्टिसिपेशन में भी जबरदस्त तेजी आई है। सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने बताया कि पहले जहां हर दिन औसतन ₹1,100 करोड़ का ट्रेड होता था, वहीं इस साल यह आंकड़ा बढ़कर लगभग ₹8,000 करोड़ तक पहुंच गया है। इस उछाल का एक कारण निवेशकों का रिटर्न की तलाश में बाजार में उतरना भी है।
निवेशकों के लिए खास सलाह
हालांकि, सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने निवेशकों को एक अहम बात की ओर आगाह किया है। उन्होंने कहा, "निवेशकों को इस बात को लेकर सावधान रहना चाहिए कि आखिर में ये ईटीएफ डोमेस्टिक स्पॉट (domestic spot) और न कि इंटरनेशनल स्पॉट या MCX फ्यूचर्स के अनुरूप रिटर्न देंगे।" यह अंतर भारतीय बाजार में निवेश करने वाले उन निवेशकों के लिए बेहद जरूरी है जो अपने ईटीएफ होल्डिंग्स के असल परफॉरमेंस ड्राइवर्स के साथ अपनी उम्मीदों को जोड़ना चाहते हैं।